UP Nikay Chunav 2023: कहां कितने फीसदी मतदान, जानिए यूपी के इन दो जिलों का हाल, 13 को आएगा परिणाम
UP Nikay Chunav 2023 : निकाय चुनाव में कहां कितने फीसदी मतदान हुआ। यहां जानिए यूपी के इन दो जिलों का हाल। अब 13 मई को परिणाम आएगा।
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मेरठ जिले के 16 निकायों के लिए बृहस्पतिवार को छिटपुट घटनाओं के बीच मतदान शांतिपूर्ण ठंड से संपन्न हो गया। सभी 16 निकायों में कुल 50.01 फीसदी मतदान हुआ। पिछली बार 2017 में यह 51.88 फीसदी था। नगर निगम में मतदान 45.68 फीसदी ही रहा। यह पिछली बार के 47.88 फीसदी मत प्रतिशत से घट गया। मतदान के दौरान कई जगह मतदाता सूची में नाम न शामिल होने की शिकायतें सामने आईं। इसे लेकर कई जगह हंगामा भी हुआ। कुछ जगह ईवीएम खराब होने की भी शिकायतें मिलीं। अब ईवीएम और मतपेटियों में बंद कुल 1705 प्रत्याशियों की किस्तम का फैसला 13 मई को मतगणना के दिन होगा।
सुबह सात बजे शुरू हुआ मतदान शाम छह बजे तक चला। हालांकि कुछ स्थानों पर मतदाताओं की लंबी कतारों के कारण शाम छह बजे के बाद भी मतदान होता रहा। शहर से ज्यादा उत्साह देहात के मतदाताओं में दिखा। सिवालखास, किठौर में सुबह 7:00 बजे से करीब एक घंटा पहले मतदाता लाइन लगाकर खड़े हो गए थे। इन दोनों नगर पंचायत में सबसे ज्यादा मतदान हुआ है। वहीं मवाना, सरधना नगर पालिका और 13 नगर पंचायतों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी लाइन लगी रहीं। इसके अलावा नगर पालिका सरधना में 61.07 फीसदी, नगर पालिका मवाना में 57.53 फीसदी मतदान हुआ। इसके अलावा नगर पंचायत करनावल में 67.52, परीक्षितगढ़ में 65.34 , लावड़ में 65.27, हस्तिनापुर में 61.48, सिवालखास में 73.30, बहसूमा में 68.52, खरखौदा में 76.32, दौराला में 65.82, फलावदा में 67.25, किठौर में 74.53, शाहजहांपुर में 63.23, हर्रा में 77.94, खिवाई में 73.89 फीसदी मतदान हुआ है। नगर निगम क्षेत्र में सुबह मतदान धीमी गति से हुआ। दोपहर को मतदाताओं ने रफ्तार पकड़ी। मतदान के बाद मतगणना स्थल कताई मिल में देर रात तक ईवीएम जमा होने का सिलसिला चलता रहा। कड़ी सुरक्षा में ईवीएम को स्टांग रूम में रखा गया।
कई जगह छिटपुट घटनाएं, बूथ कब्जाने के भी आरोप
चुनाव के दौरान जिले के कई मतदान केंद्रों पर विवाद की स्थिति भी बनी। कंकरखेड़ा में तक्षशिला स्कूल पोलिंग बूथ में भाजपा व रालोद के प्रत्याशी आमने सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर बूथ कब्जाने का आरोप लगाया। इससे करीब आधे घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। मेरठ के वार्ड-53 के सेक्टर-दो स्थित सेंट देव आश्रम स्कूल बुथ में मोबाइल अंदर ले जाने को लेकर शुरू हुई बहस पुलिस के साथ धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। एक कांस्टेबल की वर्दी भी फाड़ दी गई। मोदीपुरम में भाजपा और निर्दलीय समर्थक आपस में भिड़ गए। डिफेंस कॉलोनी स्थित बूथ पर भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज पर फर्जी वोट डालने का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया। वहीं सरधना, खरखौदा, गंगानगर, मलियाना और अन्य स्थानों पर भी अलग-अलग पार्टियों के समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति बनी। पुलिस को कहीं लाठियां फटकारी तो कहीं समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया।
शहर के हर बूथ पर सैकड़ों मतदाताओं के नाम सूची से गायब, हंगामा
हिंदू, मुस्लिम दोनों क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले। कई जगह लिस्ट से नाम कटने को लेकर नाराज लोगों ने हंगामा भी किया। लोगों ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट बंद कमरे में बैठकर बनाई गई है। नाम शामिल करने के लिए फार्म भरकर देने के बाद भी वोट डालने को नहीं मिला। कुछ क्षेत्रों में तो लोगों ने पूरी कॉलोनी के मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब होने की शिकायत की।
बिजली बंबा बाईपास स्थित सुपरटेक पामग्रीन सोसाइटी में कहने को 550 फ्लैट हैं, लेकिन यहां महापौर के चुनाव में वोटर लिस्ट में सिर्फ 35 लोगों के नाम थे। लोगों का कहना है कि अगर ऐसा ही करना है तो फिर चुनाव ही क्यों कराते हैं। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पर्ल रेजीडेंसी में भी यही हाल रहा। जागृति विहार सेक्टर आठ में केवीएस स्कूल के केंद्र पर 300 से ज्यादा लोगों का नाम लिस्ट में नहीं मिला।
कंकरखेड़ा की रामनगर गली नंबर एक, दो और तीन में भी 500 से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। कासमपुर लाला मोहम्मदपुर, श्रद्धापुरी, नहटेशपुरम, रोहटा रोड, मोदीपुरम, पल्लवपुरम, गंगानगर, जेल चुंगी, सूरजकुंड के बूथों पर सैकड़ों लोगों ने लिस्ट में नाम नहीं मिलने की शिकायत की। ब्रह्मपुरी में कनोहर लाल गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सरदार पटेल इंटर कॉलेज के बूथ पर 50 से अधिक लोगों की वोट नहीं मिली। वहीं, केसरगंज, फैज-ए-आम और निगम के कई बूथों पर बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में नहीं दिखे। पूर्वा अहिरान, इस्माईल कन्या इंटर कॉलेज, सैनी धर्मशाला, टीपीनगर नवीन मंडी सहित अन्य बूथों पर भी ऐसा ही हाल रहा। मलियाना में बूथ पर वोट डालने पहुंची 60 वर्षीय कृष्णा ने बताया वे वर्षों से वोट डालती आ रही हैं, लेकिन इस बार वोट कट गई। प्रह्लादनगर में 62 वर्षीय साजिदा बेगम ने बताया कि आज तक ऐसा नहीं हुआ कि कभी वोट न डाला हो, लेकिन पहली बार लिस्ट में नाम नहीं दिखा। स्पोर्ट्स स्टेडियम में बनाए गए बूथ में एक युवक का नाम लिस्ट में नहीं मिला तो उसने हंगामा कर दिया। उसका कहना था कि ऑनलाइन वोट बनवाई थी, लेकिन नाम नहीं हैं।
शेरगढ़ी में 500 से ज्यादा लोगों के वोट कटे
शेरगढ़ी वार्ड चार में लक्ष्मीपुरम और रामापुरम मोहल्ले के 500 से अधिक लोगों की वोट कट गए। शेरगढ़ी स्थित प्राइमरी विद्यालय के पास बने मतदान केंद्र के पास किसी भी बस्ते में लोगों की मतदान पर्ची नहीं मिल पाई। वोट नहीं बनने से गुस्साए लोगों ने हंगामा भी किया। रामापुरम गली नंबर तीन निवासी पुनीत ने बताया कि मोहल्ले में 250 से अधिक लोगों के वोट कट गए। लिस्ट में उनके नाम ही नहीं हैं। वहीं लक्ष्मीपुरम निवासी सिद्धार्थ और कुशवर्धन सिंह ने कहा कि मोहल्ले में 250 से अधिक लोग वोट कटने के कारण बिना मतदान किए ही लौट गए। इसे लेकर उन्होंने हंगामा भी किया। बाद में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।
जवाहर नगर में भी कटे वोट, चुनाव का किया बहिष्कार
वार्ड 12 के जवाहर नगर में भी 200 से अधिक लोगों के वोट कट गए। इसे लेकर लोगों ने हंगामा किया और अन्य परिवार वालों को भी वोट नहीं डालने दिया और चुनाव का बहिष्कार किया। स्थानीय निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि उनके परिवार के ही चार लोगों की वोट कट गए। पिछली बार वोट दिया था लेकिन इस बार मतदान नहीं कर पाए। उन्होंने दावा किया कि मोहल्ले से ही 200 से अधिक लोगों के वोट कट गए हैं। वहीं काजीपुर में भी 50 से अधिक लोगों के वोट नहीं बने, जिसके चलते वे भी मायूस होकर मतदान केंद्रों से वापस लौट गए।
बीएलओ के प्रति नाराजगी
जिस तरह से चुनाव में हर बूथ पर लोगों ने वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की शिकायतें कीं, उससे साफ है कि बीएलओ ने गंभीरता नहीं दिखाई। इस मामले में कुछ नेताओं का कहना है कि लखनऊ में शिकायत की जाएगी कि संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करें।
बागपत में 63.12 प्रतिशत हुआ मतदान
बागपत जिले की तीन नगर पालिकाओं और छह पंचायतों में 63.12 प्रतिशत मतदान हुआ। बड़ौत के वीर स्मारक इंटर कॉलेज के मतदान केंद्र में एएसपी मनीष मिश्र व निर्दलीय प्रत्याशी जितेंद्र के बीच नोकझोंक हो गई। प्रत्याशी ने एएसपी पर गाली-गलौज का आरोप लगाया तो एएसपी ने मतदान में गड़बड़ी के प्रयास का आरोप लगाकर उसे पकड़वा दिया।
यहां बृहस्पतिवार सुबह मतदान शुरू होने से पहले ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ के पहुंचने से लंबी लाइनें लग गई थीं। उनको काफी देर तक पुलिस ने रोका और सुबह सात बजे मतदान शुरू कराया। उसके बाद भी शाम तक अधिकतर बूथों पर लाइनें नहीं टूटीं। बागपत, बड़ौत व खेकड़ा में काफी लोगों की वोट कटी होने पर लोगों ने रोष जताया।
वहीं बागपत में अग्रसेन धर्मशाला, बड़ौत, खेकड़ा में कई बूथों पर एजेंटों में नोकझोंक हुई। जहां पुलिस कर्मियों ने मामला शांत कराया। पुलिस को जाट भवन, यमुना इंटर कॉलेज, जैन इंटर कॉलेज समेत अन्य कई बूथों के बाहर से भीड़ को लाठियां लेकर खदेड़ना पड़ा।