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UP News: मेरठ में क्यों एकत्र हुए 60 जिलों के बड़े वकील? क्यों दी जेल भरो आंदोलन की चेतावनी? जानें पूरा मामला
Fri, 18 Oct 2024 10:38 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 18 Oct 2024 10:38 PM IST
सार
अधिवक्ताओं ने मांग की, कि स्थायी व्यवस्थित चेंबर और वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाए। कचहरी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगने चाहिए। इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं।
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मंचासीन जिला बार के अध्यक्ष, महामंत्री और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट, राज्यसभा एवं विधान परिषद में आरक्षित सीट, नए अधिवक्ताओं के लिए 10 हजार रुपये मासिक भत्ता समेत 12 मांगों पर शुक्रवार को प्रदेश के 60 जिलों के अधिवक्ताओं ने मंथन किया। विरोध स्वरूप 22 अक्तूबर को प्रदेशभर में न्यायिक कार्य नहीं करने का एलान किया। मेरठ की जिला बार एसोसिएशन के महात्मा गांधी सभागार में पदाधिकारियों ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह नौ बजे अधिवक्ताओं का सम्मेलन शुरू हुआ। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह और महामंत्री आनंद कश्यप ने कहा कि अधिवक्ताओं के अधिकारों पर कुठाराघात किया जा रहा है। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू किया जाए। अधिवक्ताओं के लिए स्थायी व्यवस्थित चेंबर और वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाए। सरकार की जिम्मेदारी है कि कचहरी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगने चाहिए। जनपद न्यायालय में गठित मॉनिटरिंग सेल में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महामंत्री को शामिल किया जाए, ताकि अपनी समस्याओं को जिला जज व प्रशासनिक न्यायमूर्ति के सामने रख सकें। अदालतों में रिक्त न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति न्यायहित में शीघ्र की जाए।
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फूल देकर साथी वकीलों का स्वागत किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
महामंत्री आनंद कश्यप ने कहा कि वकीलों की लड़ाई के लिए संयुक्त बार एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश की संयुक्त समिति बनाई जाएगी। यह पूरे प्रदेश की लड़ाई लड़ेगी। इसकी नियमावली का गठन व कार्यकारिणी समिति का गठन शीघ्र किया जाएगा। 22 अक्तूबर को प्रदेशभर में न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। सत्र न्यायाधीश को अध्यक्ष व महामंत्री के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही मानव शृंखला बनाकर शांतिपूर्वक जिलाधिकारी का घेराव करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
वकीलों का तिलक लगाकर स्वागत।
- फोटो : अमर उजाला
ये भी रहीं मांगें
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू किया जाए
सामूहिक स्वास्थ्य बीमा योजना तथा अधिवक्ताओं की मृत्यु उपरांत मिलने वाली सामूहिक टर्म पॉलिसी की योजना बनाई जाए
राज्यसभा एवं विधान परिषद में अधिवक्ताओं के लिए आधिकारिक सीट आरक्षित की जाए
न्यायालय में पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
जनपद न्यायालय में ही जमानती सत्यापन केंद्र बनाया जाए।
नए अधिवक्ताओं के लिए 10 हजार रुपये मासिक भत्ता और 60 साल के ऊपर वरिष्ठ अधिवक्ताओं को 25 हजार रुपये मासिक बतौर पेंशन दी जाए
प्रत्येक प्रदेश मुख्यालय में सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष खंडपीठ और प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर हाईकोर्ट इलाहाबाद की विशेष खंडपीठ का गठन किया जाए
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू किया जाए
सामूहिक स्वास्थ्य बीमा योजना तथा अधिवक्ताओं की मृत्यु उपरांत मिलने वाली सामूहिक टर्म पॉलिसी की योजना बनाई जाए
राज्यसभा एवं विधान परिषद में अधिवक्ताओं के लिए आधिकारिक सीट आरक्षित की जाए
न्यायालय में पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
जनपद न्यायालय में ही जमानती सत्यापन केंद्र बनाया जाए।
नए अधिवक्ताओं के लिए 10 हजार रुपये मासिक भत्ता और 60 साल के ऊपर वरिष्ठ अधिवक्ताओं को 25 हजार रुपये मासिक बतौर पेंशन दी जाए
प्रत्येक प्रदेश मुख्यालय में सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष खंडपीठ और प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर हाईकोर्ट इलाहाबाद की विशेष खंडपीठ का गठन किया जाए
ये रहे मौजूद
बिजनौर से यशपाल सिंह, अंबिका सिंह राणा, आगरा से सोनू परमार, सहारनपुर से विपिन कुमार मौर्य, देशराज सिंह, मेरठ के सरधना से कुलदीप त्यागी, देवबंद से मुरसलीम, बुलंदशहर से नवीन चौधरी, मुरादाबाद से प्रदीप सिन्हा, शामली से ब्रह्म सिंह, नजीबाबाद से नावेद सिद्दीकी, बुलंदशहर से पवन कुमार, मुरादाबाद से वैभव विश्नोई, गढ़ से राजवीर सिंह, मुजफ्फरनगर से विजेंद्र मलिक, बागपत से नर्गिस परवीन, नजीबाबाद से धीरेंद्र सिंह, गाजियाबाद डॉ. कौसर जहां, गौतमबुद्धनगर से नीरज चौहान, हापुड़ से मोनिका, चंदौसी से नजर कुरैशी, धौलाना से विनोद सिसौदिया समेत 60 जनपदों से अधिवक्ता शामिल हुए।
बिजनौर से यशपाल सिंह, अंबिका सिंह राणा, आगरा से सोनू परमार, सहारनपुर से विपिन कुमार मौर्य, देशराज सिंह, मेरठ के सरधना से कुलदीप त्यागी, देवबंद से मुरसलीम, बुलंदशहर से नवीन चौधरी, मुरादाबाद से प्रदीप सिन्हा, शामली से ब्रह्म सिंह, नजीबाबाद से नावेद सिद्दीकी, बुलंदशहर से पवन कुमार, मुरादाबाद से वैभव विश्नोई, गढ़ से राजवीर सिंह, मुजफ्फरनगर से विजेंद्र मलिक, बागपत से नर्गिस परवीन, नजीबाबाद से धीरेंद्र सिंह, गाजियाबाद डॉ. कौसर जहां, गौतमबुद्धनगर से नीरज चौहान, हापुड़ से मोनिका, चंदौसी से नजर कुरैशी, धौलाना से विनोद सिसौदिया समेत 60 जनपदों से अधिवक्ता शामिल हुए।