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मेरठ में एसटीएफ का छापा, बरामद कीं 35 करोड़ की किताबें, दिल्ली समेत इन राज्यों में होती थी सप्लाई
Fri, 21 Aug 2020 05:58 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 21 Aug 2020 05:58 PM IST
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किताबें बरामद
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में एसटीएफ व पुलिस टीम द्वारा शुक्रवार को थाना परतापुर क्षेत्र में एक गोदाम में छापा मारकर करीब 35 करोड़ की एनसीईआरटी की किताबें और छह प्रिटिंग मशीन बरामद की गई हैं। मौके से 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी अजय साहनी ने पूरे मामले की जानकारी ली है।
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एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि परतापुर-अच्छरौंडा-कांशी गांव के मार्ग पर गोदाम में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की फर्जी पुस्तकों का गोदाम होने की सूचना मिली थी। यह गोदाम सुशांत सिटी परतापुर निवासी प्रकाशक सचिन गुप्ता का बताया गया। सचिन की टीएनएचके प्रिंट एंड पब्लिशर के नाम से मोहकमपुर में प्रिंटिंग प्रेस है। गोदाम का सारा सामान सील करने के बाद संयुक्त टीम मोहकमपुर प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची। जहां पर आरोपियों ने सुबूत मिटाने के लिए पुस्तकों में आग लगा दी और फरार हो गए। पुलिस ने आग बुझाकर कार्रवाई शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि प्रिंटिंग प्रेस और गोदाम में फर्जी पुस्तकें तैयार की जा रही थीं। एसएसपी के अनुसार आरोपी सचिन गुप्ता के मैनेजर सुनील कुमार और सुपरवाइजर अमरीश कुमार समेत डेढ़ दर्जन से पूछताछ की जा रही है।
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कई प्रकाशक कर रहे फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार एनसीईआरटी भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थान है। सरकारी और निजी सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य हैं। परतापुर के गोदाम और प्रिंटिंग प्रेस में जो एनसीईआरटी की फर्जी पुस्तकें पकड़ी गई हैं, उनको दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था। मौके से जो छह मशीनें बरामद की गई हैं, उन पर ये पुस्तकें छापी जा रही थीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मेरठ में और भी कई प्रकाशक इस तरह के फर्जीवाड़े में लिप्त हैं।
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एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि सूचना के आधार पर छापामारी की गई। इस दौरान मौके से एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही गोदाम को सील कर मौके से लगभग 35 करोड़ की एनसीईआरटी की किताबें बरामद की गई हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में ये किताबें सप्लाई की जाती थी।
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