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नई व्यवस्था: अब आरटीओ में नहीं, ड्राइविंग इंस्टीट्यूट में बनेंगे लाइसेंस, परिवहन आयुक्त ने दिए आदेश
Fri, 11 Jun 2021 05:01 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 11 Jun 2021 05:01 PM IST
सार
अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। वहीं परिवहन आयुक्त ने 15 जून से नई व्यवस्था शुरू करने के आदेश दिए हैं।
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ड्राइविंग लाइसेंस (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के बजाए अब ड्राइविंग इंस्टीटयूट में बनेंगे। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने 15 जून से नई व्यवस्था शुरू करने के आदेश दिए हैं। हालांकि अभी तक इंस्टीट्यूट में तैयारियां आधी-अधूरी है। जनसुविधा के नाम पर यहां व्यवस्था नहीं है। अधिकारियों ने एक सप्ताह का समय और दिए जाने की मांग की है।
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मेरठ में आईटीआई साकेत में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से ड्राइविंग इंस्टीट्यूट बनाया गया है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार परमानेंट डीएल आवेदकों का टेस्ट ड्राइविंग इंस्टीट्यूट के आधुनिक ट्रैक पर लिया जा रहा है और अन्य प्रक्रिया क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पहुंचकर पूरी करानी होती है। आवेदकों को ड्राइविंग इंस्टीट्यूट और परिवहन कार्यालय के बीच भागदौड़ करनी पड़ती है। लेकिन अब प्रदेश के परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी किए हैं कि 15 जून से परमानेंट लाइसेंस का संपूर्ण कार्य इंस्टीट्यूट में होगा। इसके लिए उन्होंने पूरा सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी तक विभाग ने यहां कोई इंतजाम नहीं किए हैं। इतने कम समय में संपूर्ण व्यवस्था होना भी आसान नहीं है। आरआई तकनीकी राहुल शर्मा ने बताया कि शासनादेश पर अमल शुरू कर दिया है। इंस्टीट्यूट में बॉयोमेट्रिक्स सिस्टम स्थापित कराया जाएगा। एक सप्ताह का समय मांगा गया है। समय नहीं मिला तो 15 जून से ही व्यवस्था शुरू करेंगे।
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144 डीएल का दिया जा रहा स्लॉट
कोरोना संक्रमण काल के चलते फिलहाल परमानेंट लाइसेंस के लिए रोजाना 144 टाइम स्लॉट बुक किए जा रहे हैं। इसके सापेक्ष 60 से 70 आवेदक ही टेस्ट देने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से औसतन 15 आवेदक फेल हो जाते हैं।
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