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Up News: सेना में बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देने वाला फर्जी हवलदार पकड़ा, सेना की वर्दी-कार्ड बरामद
Thu, 19 Sep 2024 11:59 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 19 Sep 2024 11:59 PM IST
सार
भारतीय सेना का हवलदार बताकर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी बदायूं निवासी अरविंद राणा को गिरफ्तार किया गया है।
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आरोपी अरविंद राणा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस ने भारतीय सेना का हवलदार बताकर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और फर्जीवाड़ा करने के आरोपी ग्राम बघोल थाना वजीरगंज बदायूं निवासी अरविंद राणा को गिरफ्तार किया है। उसके गैंग के चार साथियों की तलाश में एसटीएफ दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक पकड़ में नहीं आ सके हैं। आरोपी के कब्जे से मिलिट्री हॉस्पिटल का फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट, आर्मी कैंटीन कार्ड समेत कुछ कागजात और नियुक्ति पत्र भी बरामद किए गए हैं। आरोपी अरविंद राणा के खिलाफ सदर बाजार थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह के मुताबिक बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि मिलिट्री हॉस्पिटल मेरठ कैंट में अरविंद राणा फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आया है। इसकी तलाश में दबिश दी गई तो अरविंद को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। अरविंद ने बताया कि वह हाईस्कूल पास है और मर्चेंट नेवी में सफाईकर्मी के पद पर था। एसटीएफ ने बताया कि आरोपी वर्ष 2018 में मर्चेंट नेवी में मुम्बई में नौकरी करता था। वहां जहाज पलट जाने के कारण डर की वजह से नौकरी छोड़कर घर आ गया था। मर्चेंट नेवी में नौकरी छोड़कर आने के बाद इसकी मुलाकात मर्चेंट नेवी में साथ काम करने वाले सौरम निवासी बिजनौर से हुई थी।
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सौरम ने जनपद हापुड़ के रहने वाले योगेश गौतम से मिलने को कहा और बताया कि वह तुम्हारी कहीं नौकरी लगवा देगा। कुछ दिन बाद आरोपी ने योगेश गौतम से मोबाइल पर बात कर उससे मुलाकात की तो योगेश गौतम ने उसकी बातचीत ग्राम लूम बागपत के रहने वाले अजय उर्फ गुरूजी व बिट्टू उर्फ पहलवान तथा विष्णु उर्फ बलराम से कराई। अजय उर्फ गुरूजी ने इससे कहा था कि तुम्हारी आर्मी में भर्ती के लिए उम्र निकल चुकी है। तुम हमारे साथ जुड़कर आर्मी में भर्ती कराने के लिए युवकों को लाकर दो, हम तुम्हें तुम्हारा हिस्सा देते रहेंगे। इसके बाद आर्मी में भर्ती के इच्छुक युवकों के साथ धोखाधड़ी कर पैसा कमाने के उद्देश्य से अन्य साथियों के साथ मिलकर अभ्यर्थियों के फर्जी मेडिकल बनवाए। उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उनसे 4 से 5 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी वसूले गए।
फर्जी नाम व पते से आर्मी का पहचान पत्र बनवाया और उसी फर्जी नाम व पते से आधार कार्ड व पैन कार्ड भी बनवाया। अलग-अलग जगह रुकने के लिए इन दस्तावेजों का प्रयोग किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर करीब 40 अभ्यर्थियों का फर्जी मेडिकल बनाकर उनको फर्जी नियुक्ति पत्र दिए।
फर्जी नाम व पते से आर्मी का पहचान पत्र बनवाया और उसी फर्जी नाम व पते से आधार कार्ड व पैन कार्ड भी बनवाया। अलग-अलग जगह रुकने के लिए इन दस्तावेजों का प्रयोग किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर करीब 40 अभ्यर्थियों का फर्जी मेडिकल बनाकर उनको फर्जी नियुक्ति पत्र दिए।
ये हुआ बरामद
- भारतीय सेना का फर्जी आईकार्ड
- दो पैन कार्ड
- एक आधार कार्ड
- भारतीय सेना के अनुमोदन वाले सेना के फर्जी पत्र
- दो फर्जी नियुक्ति पत्र, तीन आश्रित पहचान पत्र
- भारतीय सेना का फर्जी कैंटीन कार्ड
- एक मोबाइल
- भारतीय सेना का फर्जी आईकार्ड
- दो पैन कार्ड
- एक आधार कार्ड
- भारतीय सेना के अनुमोदन वाले सेना के फर्जी पत्र
- दो फर्जी नियुक्ति पत्र, तीन आश्रित पहचान पत्र
- भारतीय सेना का फर्जी कैंटीन कार्ड
- एक मोबाइल