कोरोना का प्रभाव: 70 प्रतिशत लोग नहीं कर पाए लोन की किस्तों का भुगतान, बयां किया दर्द
कोरोना महामारी के चलते 70 फीसदी लोग लोन की किस्तों का भुगतान नहीं कर पाए हैं। इनमें से कई पर चक्रवृद्धि ब्याज भी लग गया है। बैंकों से कर्ज लेने वाले हजारों उपभोक्ता मोरेटोरियम के बाद अब ब्याज पर ब्याज लगने की परेशानी से दो-चार हो रहे हैं।
बैंकों ने लॉकडाउन से अनलॉक-3.0 तक के ब्याज को एफआईटीएल (फंडेड इंटरेस्ट टर्म लोन) खाते में डाल दिया है। बैंकों ने ब्याज की इस राशि को जमा करने के लिए 31 मार्च, 2021 तक का समय दिया है। कोरोना काल में कारोबार न चलने और नौकरी की अनिश्चतता के कारण कर्ज लेने वाले जहां किस्तें चुकाने में असमर्थ हैं वहीं, बैंकों द्वारा कर्ज का नया खाता खोल दिया गया है।
मेरठ ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने बताया कि व्यापारियों पर कर्ज की किस्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। लॉकडाउन के चलते सरकार ने मोरेटोरियम की सुविधा दी थी। अब बैंक लॉकडाउन के दौरान का चक्रवृद्धि ब्याज ले रहे हैं। बैंक लिमिट पर छह माह का ब्याज जमा करने के लिए कहा जा रहा है। वहीं, जिला मेरठ केमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री धनश्याम मित्तल ने बताया कि कई व्यापारियों पर बैंक ने दो बार रिनुअल चार्ज लगा दिए है।
32 बैंकों ने अप्रैल से जून तक 15 करोड़ का होम लोन दिया
- कोरोना काल का सर्वाधिक प्रभाव होम लोन पर पड़ा है। कर्ज के भुगतान की चिंता चलते बड़ी संख्या में खाताधारकों ने जहां कर्ज नहीं लिया तो दूसरी तरफ बैंकों ने भी गृह कर्ज देने में हाथ खींच लिए। आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल से जून तक शहर के 32 बैंकों से 200 लोग लगभग 15 करोड़ रुपये का कर्ज ही ले पाए। जानकारी के अनुसार शहर के 32 बैंकों से वर्ष 2019 से वर्ष 2020 मार्च के बीच 898 लोगों को 95.88 करोड़ रुपये का होम लोन दिया गया था। लॉकडाउन में यह आंकड़ा घट गया। अप्रैल से जून तक 200 लोग करीब 15 करोड़ रुपये ही बतौर कर्ज ले पाए। इसका मुख्य कारण कर्ज लेने वालों की आय के साधनों का कम होना रहा।
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कर्ज लेने वालों की पीड़ा
- बुढ़ाना गेट के वेडिंग कार्ड व्यापारी लोकेश कुमार ने 35 लाख रुपये का कर्ज लिया था। लॉकडाउन के दौरान व्यापार पूरी तरह से बंद रहने के कारण वह छह किस्तों का भुगतान नहीं कर पाए। अब बैंक ने ब्याज पर भी ब्याज लगा दिया है। लोकेश ने बताया कि वह छह माह में लगभग 2.10 लाख का भुगतान करते पर अब ब्याज पर ब्याज लगने के कारण भुगतान 2.40 लाख के आसपास पहुंच जाएगा।
- बैंकों ने लॉकडाउन के दौरान दस्तावेजों की औपचारिकताएं पूरी कराने और आश्वासन देने के बाद भी कर्ज नहीं दिया। श्वेता प्रिंटर्स की संचालक राशी अग्रवाल ने बताया कि उनका सीसी लिमिट पर छह लाख का लोन चल रहा है। बैंक ने 76 हजार का लोन देने का आश्वासन दिया था। सभी कागजात भी जमा कर दिए गए। अंतिम समय में बैंक ने कर्ज देने से इनकार कर दिया।
31 मार्च तक करना होगा भुगतान
बैंक ने लॉकडाउन के दौरान लगाए गए ब्याज को नए खाते (एफआईटीएल) में ट्रांसफर कर दिया है। इसमें ब्याज की रकम जमा करने के लिए कर्ज लेने वालों को मासिक किस्तों या फिर एकमुश्त भुगतान 31 मार्च, 2021 तक करना होगा। - हरीश वाधवा, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई
खाताधारकों की सुविधाओं का रखा जा रहा ध्यान
बैंक ने अपने खाताधारकों के लिए एफआईटीएल योजना लागू की है। किसी भी खाताधारक को बैंक ने लॉकडाउन की अवधि में भुगतान के लिए बाध्य नहीं किया गया है। आगे जो सरकार की नीति होगी उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। - संजय कुमार, एलडीएम, मेरठ
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