ऐतिहासिक: सेना के 10 बड़े अफसरों ने मेरठ कॉलेज में लिया दाखिला, यहां के 200 से ज्यादा छात्र बने हैं जज
मेरठ कॉलेज से पढ़े 200 से अधिक छात्र आज अलग-अलग अदालतों में जज हैं। वहीं सेना के 10 बड़े अधिकारियों ने भी मेरठ कॉलेज में दाखिला लिया है। पढ़िए खास रिपोर्ट।
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सेना के तीन लेफ्टिनेंट जनरल, छह ब्रिगेडियर और कर्नल रैंक के एक अफसर ने मेरठ कॉलेज में दाखिला लिया है। सभी 10 अफसर कॉलेज के डिफेंस स्ट्डीज विभाग से शोध करेंगे। आरडीसी की ऑनलाइन बैठक में इनकी सिनॉप्सिस पर मुहर लग गई है। इनसे पहले पूर्व सेनाध्यक्ष और वर्तमान में सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत फौज के 50 से ज्यादा अफसर मेरठ कॉलेज से शोध कर चुके हैं।
एक साथ 10 बड़े अफसरों का कॉलेज का छात्र बनना ऐतिहासिक है। डिफेंस स्ट्डीज विभाग में 12 अभ्यर्थियों की ऑनलाइन आरडीसी में 11 अफसर शामिल हुए थे। इनमें 10 की सिनॉप्सिस पास हो गई है। एक लेफ्टिनेंट जनरल के बैठक में शामिल नहीं होने के कारण उनकी सिनॉप्सिस पर चर्चा नहीं हुई। जिनकी सिनॉप्सिस पास हुई हैं, उनमें दक्षिण कमान के लेफ्टिनेंट जनरल जेएस नयन, वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल शांतनु दयाल और लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह हैं। छह ब्रिगेडियर में मेरठ कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौर भी शामिल हैं।
ऑनलाइन आरडीसी में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, डीन आर्ट्स प्रो. नवीन चंद लोहनी, इलाहाबाद विवि से डॉ. प्रशांत अग्रवाल, मेरठ कॉलेज से कन्वेनर डॉ. रिजवान अहमद और सदस्य डॉ. संजय कुमार शामिल रहे।
फौज के अफसरों की पहली पसंद बना मेरठ कॉलेज
मेरठ कॉलेज शोध के लिए फौज के अफसरों की पहली पसंद बन गया है। आठ अफसरों का शोध कार्य जारी है। सात अफसरों ने कुछ समय पहले ही अपने शोध जमा किए हैं। ले. जनरल आरआर निम्भोरकर समेत सेना के 50 से अधिक बड़े अफसर डिफेंस स्ट्डीज विभाग से शोध कर चुके हैं।
कॉलेज को तीन महीने में मिला था विजयंत टैंक
भारतीय सेना के अफसरों की कॉलेज पहली पसंद का अंदाजा इससे ही लगता है कि जेएनयू को आज तक विजयंत टैंक नहीं मिला लेकिन, 2018 में मेरठ कॉलेज को प्रस्ताव के तीन महीने में ही विजयंत टैंक मिल गया। टैंक आज पूरे देश में कॉलेज की शान बढ़ा रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री और कई अधिकारी दिए
1892 में बने मेरठ कॉलेज के एल्युमिनाई की सूची में देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से लेकर तमाम अधिकारी और बिजनेसमैन शामिल हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, गोवा के राज्यपाल सतपाल मलिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल, आईआईटी दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर पदमश्री डॉ. आरएस सिरोही हों या फिर टीआईएफटी मुंबई के डायरेक्टर डॉ. वीरेंद्र सिंह। बिट्स गोआ के डायरेक्टर डॉ. टीसी गोयल, रिटायर्ड वाइस एयर मार्शल केके. जैन, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जेएस भटनागर, डीआरडीओ के डायरेक्टर रहे पीसी मांगलिक हों या इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टर केपी सिंह, सभी ने यहीं से पढ़ाई की। देश की 200 से ज्यादा अदालतों में यहीं के छात्र जज हैं। न्यायमूर्ति एचएम बेग सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई रहे हैं। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पंकज मित्थल, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस विवेक चौधरी समेत तमाम राज्यों में यहां से पढ़े छात्र-छात्राएं जज हैं।