यूपी: रालोद के खाते में गई एमएलसी की सीट, मेरठ-गाजियाबाद से गठबंधन प्रत्याशी लड़ेगा चुनाव
मेरठ-गाजियाबाद स्थानीय निकाय चुनाव के लिए गठबंधन का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। मेरठ-गाजियाबाद स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 19 मार्च है। 21 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 23 मार्च को नाम वापसी होगी। नौ अप्रैल को मतदान होगा।
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मेरठ-गाजियाबाद स्थानीय निकाय चुनाव के लिए गठबंधन का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। सपा सहयोग करेगी। सपा जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह ने बताया कि इस बार मेरठ-गाजियाबाद से एमएलसी का चुनाव गठबंधन में रालोद का प्रत्याशी लड़ेगा। अभी तक यहां सपा प्रत्याशी राकेश यादव एमएलसी थे। अब रालोद वालों को तय करना है कि वह किसे लड़ाएंगे। इस बार विधानसभा चुनाव भी सपा और रालोद ने गठबंधन के साथ लड़ा था। मेरठ जिले से पांच सीटें सपा और दो सीटें रालोद के खाते में गई थी।
2016 में राकेश यादव चुने गए थे निर्विरोध
वर्ष 2016 में एमएलसी के लिए छह प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। तब सपा में दर्जा प्राप्त मंत्री राकेश यादव निर्विरोध एमएलसी चुने गए थे। भाजपा से वीरेंद्र यादव ने पर्चा दाखिल किया था लेकिन 24 घंटे में ही उन्होंने पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के साथ जाकर पर्चा वापस ले लिया था।
19 मार्च तक होंगे नामांकन
मेरठ-गाजियाबाद स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 19 मार्च है। 21 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 23 मार्च को नाम वापसी होगी। नौ अप्रैल को मतदान होगा। 12 अप्रैल को मतगणना की जाएगी। चुनाव में चार जिलों के 4241 प्रतिनिधि मतदान करेंगे। सासंद, विधायक, बीडीएसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं नगर निगम के पार्षद वोट डालेंगे।
मेरठ से मंत्री बनने की दौड़ में चार नेता
योगी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने की दौड़ में मेरठ से भी चार नेता शामिल हैं। माना जा रहा है कि पूर्व मंत्री दिनेश खटीक, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी अश्वनी त्यागी और दक्षिण विधायक सोमेन्द्र तोमर को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
पश्चिम में भाजपा को इस बार चुनाव में मेरठ में बड़ा नुकसान हुआ है। यहां पिछली बार भाजपा के पास सात में से छह सीटें थी लेकिन इस बार सिर्फ तीन पर ही जीत मिल पाई है। ऐसे में जीते इन तीनों विधायकों की मंत्रिमंडल में मजबूत दावेदारी है। हस्तिनापुर से विधायक बने दिनेश खटीक को चुनाव से कुछ महीने पहले से ही मंत्री बनाया गया था, ऐसे में उनकी मजबूत दावेदारी रहेगी। वैश्य समाज से कैंट विधायक अमित अग्रवाल बड़ा चेहरा हैं। वे दो बार पहले भी विधायक रहे हैं।
ऐसे में उनकी पश्चिम में वैश्य समाज में मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। गुर्जर समाज में मेरठ से सोमेंद्र तोमर और गौतमबुद्धनगर से तेजपाल नागर का नाम प्रमुखता से चल रहा है। अगर गौतमबुद्धनगर में धीरेंद्र सिंह या पंकज सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है, तो मेरठ से गुर्जर समाज से सोमेंद्र तोमर की मजबूत दावेदारी रहेगी। त्यागी समाज को प्रतिनिधित्व मिला तो मेरठ से एमएलसी अश्वनी त्यागी या मुरादनगर विधायक अजितपाल त्यागी को शामिल किया जा जा सकता है। बागपत जिले में योगेश धामा या केपी मलिक को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।