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यूपी को डॉ. तिवारी से जाना : योगेंद्र यादव
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 14 Jul 2016 02:15 AM IST
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राजनीति शास्त्र के बड़े विद्वान प्रो. आईएन तिवारी को श्रद्धांजलि देते हुए स्वराज आंदोलन से जुड़े योगेंद्र यादव ने कहा कि यूपी को उन्होंने भी डॉ. तिवारी से ही जाना। वे ऐसे व्यक्ति रहे जिनके शोध का केंद्र बिंदु आम जनमानस से जुड़ा रहा।
चौधरी चरण सिंह विवि के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. आईएन तिवारी का एक जुलाई को निधन हो गया था। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्ते में समधी और बड़े राजनीतिक विचारक रहे डॉ. तिवारी को बुधवार को श्रद्धांजलि दी गई। जागृति विहार स्थित उनके आवास पर पहुंचे योगेंद्र यादव ने संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि जब वह सीएसडीएस (सेंट्रल फॉर स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटी) के लिए काम कर रहे थे तो उत्तर प्रदेश के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे।
लोगों ने बताया कि डॉ. तिवारी मदद कर सकते हैं। सच में उन्होंने यूपी की राजनीति का पूरा खाक पेश कर दिया। योगेंद्र बोले कि डॉ. तिवारी ने ऐसे विषयों पर शोध नहीं किया जो देखने में बहुत बड़े लगते हैं। उन्होंने वास्तव में गांव, आम लोगों के मुद्दों, समस्याओं पर शोध किए। जहां विश्वविद्यालय बना उसी गांव के बारे में शोध किया। जेपी और विनोबा से प्रभावित डॉ. तिवारी वास्तव में सैद्घांतिक व्यक्तित्व थे। इस मौके पर दिल्ली से आए विधायक पंकज पुष्कर ने भी विचार रखे। इस अवसर पर डॉ. स्नेहवीर पुंडीर, डॉ. एसपी खरे, डॉ. केके गुप्ता, जेके पुंडीर, डॉ. अर्चना शर्मा, पूर्व विदेश सचिव मुछकुल दूबे, सुधीर शर्मा मौजूद रहे।
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चौधरी चरण सिंह विवि के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. आईएन तिवारी का एक जुलाई को निधन हो गया था। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्ते में समधी और बड़े राजनीतिक विचारक रहे डॉ. तिवारी को बुधवार को श्रद्धांजलि दी गई। जागृति विहार स्थित उनके आवास पर पहुंचे योगेंद्र यादव ने संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि जब वह सीएसडीएस (सेंट्रल फॉर स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटी) के लिए काम कर रहे थे तो उत्तर प्रदेश के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे।
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लोगों ने बताया कि डॉ. तिवारी मदद कर सकते हैं। सच में उन्होंने यूपी की राजनीति का पूरा खाक पेश कर दिया। योगेंद्र बोले कि डॉ. तिवारी ने ऐसे विषयों पर शोध नहीं किया जो देखने में बहुत बड़े लगते हैं। उन्होंने वास्तव में गांव, आम लोगों के मुद्दों, समस्याओं पर शोध किए। जहां विश्वविद्यालय बना उसी गांव के बारे में शोध किया। जेपी और विनोबा से प्रभावित डॉ. तिवारी वास्तव में सैद्घांतिक व्यक्तित्व थे। इस मौके पर दिल्ली से आए विधायक पंकज पुष्कर ने भी विचार रखे। इस अवसर पर डॉ. स्नेहवीर पुंडीर, डॉ. एसपी खरे, डॉ. केके गुप्ता, जेके पुंडीर, डॉ. अर्चना शर्मा, पूर्व विदेश सचिव मुछकुल दूबे, सुधीर शर्मा मौजूद रहे।
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