खुशखबर: बाग लगाने पर पौधा, खाद फ्री, तीन साल तक किसान को मिलेगी मजदूरी
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लघु और सीमांत श्रेणी के किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने बाग लगाने की योजना प्रारंभ की है। मनरेगा में इस योजना के अंतर्गत किसानों को कोई पैसा खर्च नहीं करना है। कृषि विविधिकरण के अंतर्गत किसान अपने निजी खेत में अमरूद, आडू, नींबू, आम और लीची की खेती कर सकता है। जहां बाग लगेगा उसकी कंटीले तार से फेसिंग की जाएगी।
पौधे से लेकर खाद एवं अन्य सभी खर्च सरकार वहन करेगी। किसान को हर 15 दिन बाद खेत में काम करने की उसकी मजदूरी मिलती रहेगी। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है, जिससे उसके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा न हो।
जिले में 105 हेक्टेयर में बाग का लक्ष्य रखा गया है। इसमें आम की खेती 30 हेक्टेयर, लीची की दस हेक्टेयर, अमरूद 30 हेक्टेयर, आडू दस हेक्टेयर, नींबू 20 हेक्टेयर और अमरूद क्षेत्र विस्तार पांच हेक्टेयर शामिल किया गया है। योजना में पात्रता के लिए जरूरी है कि वह लघु या सीमांत किसान हो। जमीन पट्टे की है तो उसे वरीयता दी जाएगी। योजना में एससी, विधवा, जॉब कार्ड धारक को भी वरीयता मिलेगी।
जिले का बजट हुआ निर्धारित
योजना के लिए सरकार ने जिले का बजट 96,17,595 निर्धारित किया है। इसमें सामग्री यानी पौधा, खाद आदि पर 34,98,150 रुपये खर्च होंगे। किसान को उसकी मेहनत के रूप में देने के लिए 61,19,445 रुपये की व्यवस्था की गई है। पैसा किसान को लगातार तीन वर्षों तक मिलेगा।
हर 15 दिन में किसान के खाते में जाएगा पैसा
जिला उद्यान अधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि खेत में गड्ढे खोदाई से ही किसान की मजदूरी शुरू हो जाएगी। अच्छी नस्ल के पौधे और खाद फ्री में उपलब्ध कराएगा। किसान योजना में दस जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।
आम की खेती पर किसान को एक हेक्टेयर में एक साल में 22,713 रुपये की मजदूरी मिलेगी। अमरूद में 33,165 रुपये, नींबू की खेती में 45,625 रुपये मिलेंगे। तीन मीटर पर अगर अमरूद का बाग लगाया जाएगा तो किसान को एक हेक्टेयर में एक साल में 93,867 रुपये मजदूरी मिलेगी।