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UP: किसानों की बनेगी यूनिक आईडी, तभी मिलेगी प्रधानमंत्री सम्मान निधि, संपत्ति का डाटा आधार से लिंक होगा
Sun, 29 Dec 2024 02:14 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Sun, 29 Dec 2024 02:14 PM IST
सार
मेरठ जनपद में 1.70 लाख किसानों के बैंक खाते में प्रधानमंत्री सम्मान निधि पहुंच रही है।पात्र-अपात्र की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने अभियान शुरू किया है। किसान रजिस्ट्री में यूनिक आईडी बनवाना अनिवार्य होगा।
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किसान सम्मान निधि
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किसान रजिस्ट्री में यूनिक आईडी बनवाना अनिवार्य है, तभी किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि मिलेगी। इसको लेकर सदर तहसील में शुक्रवार को किसान जागरुकता अभियान शुरू कराया। सदर तहसीलदार शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि जिस किसान की यूनिक आईडी नहीं होगी, उनको प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा।
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जनपद में 1.70 लाख किसानों के बैंक खाते में प्रधानमंत्री सम्मान निधि पहुंच रही है। लगातार किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके चलते शासन द्वारा पात्र किसानों को लाभ देने के लिए किसान रजिस्ट्री अभियान शुरू कराया है। किसानों की यूनिक आर्डडी बनेगी, जिसमें उपजाऊ भूमि से लेकर सारी प्रॉपर्टी को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा।
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मेरठ सदर तहसील में 42 हजार किसानों को पीएम सम्मान निधि मिल रही है। पात्र-अपात्र की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने अभियान शुरू किया है। सदर तहसीलदार ने बताया है कि जन समुदाय केेंद्र पर जाकर किसान अपनी यूनिक आईडी बनवा ली, जिसके आधार पर ही पात्र किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि दी जाएगी। बताया गया कि यूनिक आईडी में किसानों का सारा लेखाजोखा रहेगा। एक किलक होते ही किसानों की संपत्ति का रिकाॅर्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
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संपत्ति का डाटा आधार से लिंक होगा, राशन कार्ड के लिए केवाईसी जरूरी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी संपत्ति का डाटा आधार कार्ड से लिंक कराना और राशन कार्ड के लिए केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसे लेकर डीएम ने सदर, मवाना और सरधना एसडीएम-तहसीलदार को अभियान चलाकर फार्मर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए हैं। सदर और सरधना तहसील में एसडीएम ने प्रशासनिक अधिकारी और कोटेदारों के साथ बैठक ली। इसमें निर्धारित तिथि तक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने पर विचार किया गया।
जिले में कुल 1.73 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। सदर तहसील में 42 हजार, सरधना तहसील में 55 हजार और मवाना में करीब 76 हजार किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं। जनपद में किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अपात्र किसानों को इस योजना से बाहर करने की प्रशासन ने प्लानिंग बनाई है। इसके चलते गांवों में फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के लिए एसडीएम-तहसीलदार ने अभियान शुरू करा दिया है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी संपत्ति का डाटा आधार कार्ड से लिंक कराना और राशन कार्ड के लिए केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसे लेकर डीएम ने सदर, मवाना और सरधना एसडीएम-तहसीलदार को अभियान चलाकर फार्मर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए हैं। सदर और सरधना तहसील में एसडीएम ने प्रशासनिक अधिकारी और कोटेदारों के साथ बैठक ली। इसमें निर्धारित तिथि तक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने पर विचार किया गया।
जिले में कुल 1.73 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। सदर तहसील में 42 हजार, सरधना तहसील में 55 हजार और मवाना में करीब 76 हजार किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं। जनपद में किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अपात्र किसानों को इस योजना से बाहर करने की प्रशासन ने प्लानिंग बनाई है। इसके चलते गांवों में फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के लिए एसडीएम-तहसीलदार ने अभियान शुरू करा दिया है।
28 दिसंबर तक कुल 6342 किसानों ने फॉर्मर रजिस्ट्री कराई है। प्रशासन ने 31 दिसंबर 2024 तक पात्र किसान को डाटा ऑनलाइन दर्ज कर आधार कार्ड से लिंक करने और राशन कार्ड के लिए केवाईसी कराने की योजना बनाई है। इसको लेकर शनिवार तीनों तहसील में एसडीएम और तहसीलदार ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली। एसडीएम सरधना महेश प्रसाद दीक्षित ने क्षेत्र के सब राशन डीलरों के साथ भी बैठक की।
एसडीएम सदर कमल किशोर ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि लेने के लिए ई-केवाईसी कराना अति आवश्यक है। किसान ई-केवाईसी के साथ ही फार्मर रजिस्ट्री भी बनवाना सुनिश्चित करें, अन्यथा अगली किश्त को रोक दिया जाएगा। पोस मशीन के माध्यम से राशन कार्ड धारक को ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिए हैं।
एसडीएम सदर कमल किशोर ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि लेने के लिए ई-केवाईसी कराना अति आवश्यक है। किसान ई-केवाईसी के साथ ही फार्मर रजिस्ट्री भी बनवाना सुनिश्चित करें, अन्यथा अगली किश्त को रोक दिया जाएगा। पोस मशीन के माध्यम से राशन कार्ड धारक को ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिए हैं।
एसडीएम सरधना ने कहा कि सभी पीडीएस डीलरों को इस कार्य में लग जाने का निर्देश दिए। लापरवाह राशन विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई होगी। तहसीलदार सरधना अनुराग सिंह ने कहा है कि पीएम सम्मान निधि योजना में अपात्र, मृतक, पेंशनर, नौकरीपेशा शामिल हैं। पात्रों को योजना का सीधा लाभ मिले, इसके लिए शासन ने फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के निर्देश दिए हैं। सरधना तहसील में नायाब तहसीलदार राहुल सिंह, आपूर्ति निरीक्षक दिनेश कुमार, भूपेंद्र कुमार, जतिन गोस्वामी मौजूद रहे।
ऐसे करें केवाईसी
ई-केवाईसी के लिए किसान स्मार्टफोन में प्ले स्टोर के माध्यम से पीएम किसान जीओवी एप डाउनलोड कर इंस्टॉल करें। भाषा चयन करते हुए लॉगिन करें। इसके बाद लाभार्थी का चयन करें। पीएम किसान पंजीकरण अथवा आधार संख्या भरने के बाद ओटीपी पर क्लिक करें। किसान के आधार से लिंक मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होने पर लॉगिन बटन पर क्लिक करके छह अंक का एमपिन बनाएं। इसके बाद कंस्टेट फार्म भरकर स्कैन फेस पर क्लिक करके किसान स्वयं का फोटो खींच कर डालें। इसके बाद पुन: एमपिन डालकर सबमिट करें, इसके बाद ई-केवाइसी पूरी हो जाएगी।
ऐसे करें केवाईसी
ई-केवाईसी के लिए किसान स्मार्टफोन में प्ले स्टोर के माध्यम से पीएम किसान जीओवी एप डाउनलोड कर इंस्टॉल करें। भाषा चयन करते हुए लॉगिन करें। इसके बाद लाभार्थी का चयन करें। पीएम किसान पंजीकरण अथवा आधार संख्या भरने के बाद ओटीपी पर क्लिक करें। किसान के आधार से लिंक मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होने पर लॉगिन बटन पर क्लिक करके छह अंक का एमपिन बनाएं। इसके बाद कंस्टेट फार्म भरकर स्कैन फेस पर क्लिक करके किसान स्वयं का फोटो खींच कर डालें। इसके बाद पुन: एमपिन डालकर सबमिट करें, इसके बाद ई-केवाइसी पूरी हो जाएगी।