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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP Election: There will be an exciting contest between the candidates in the election at the South seat of Meerut

दिलचस्प है इस सीट का इतिहास: यहां होगा रोमांचक मुकाबला, अभी कांग्रेस और गठबंधन ने नहीं उतारा प्रत्याशी

Tue, 18 Jan 2022 07:16 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 18 Jan 2022 07:16 AM IST
सार

मेरठ जनपद की सबसे बड़ी विधानसभा सीट पर इस बार भी रोमांचक मुकाबला होगा। हालांकि इस सीट पर अभी कांग्रेस और गठबंधन ने अपना-अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है। पढ़िए इस सीट का इतिहास क्या है।

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UP Election: There will be an exciting contest between the candidates in the election at the South seat of Meerut
मतदाता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मतदाताओं की संख्या के हिसाब से जिले की सबसे बड़ी सीट मेरठ दक्षिण के समीकरण बेहद दिलचस्प हैं। वर्ष 2012 में वजूद में आई इस सीट पर 2017 में भी भाजपा को जीत मिली। मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट मानी जाती है। इस सीट पर वर्ष -2017 से अब तक 45 हजार 658 मतदाता नए बन चुके हैं। वर्ष 2017 में इस सीट पर मतदाताओं की संख्या चार लाख 28 हजार 854 थी। शास्त्रीनगर, जाग्रति विहार, परतापुर, रिठानी, दिल्ली रोड की कई कॉलोनियां इसी विधानसभा क्षेत्र में आती हैं। 2012 में इस सीट पर पहले चुनाव में ही भाजपा से सोमेंद्र तोमर को टिकट मिला। तब गुर्जर नेताओं की लामबंदी की वजह से उनका टिकट कट गया और यहां रविन्द्र भड़ाना को उतारा गया। भड़ाना ने जीत दर्ज की, लेकिन 2017 में यहां भाजपा ने फिर सोमेंद्र तोमर को टिकट दे दिया। अबकी बार भी यहां सोमेंद्र तोमर को ही प्रत्याशी घोषित किया गया है। बसपा ने यहां कुंवर दिलशाद अली को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस और सपा-रालोद गठबंधन ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। यह सीट गठबंधन में सपा के खाते में रहने की संभावना है। 

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खरखौदा सीट हुई खत्म तो बनी मेरठ दक्षिण
वर्ष-1962 में देहात नाम से जिले में विधानसभा सीट बनी थी। इसके बाद वर्ष- 1974 में इसका नाम खरखौदा विधानसभा सीट कर दिया गया। वर्ष-2012 में हुए परिसीमन में खरखौदा सीट खत्म हो गई। खरखौदा और शहर के इलाके को मिलाकर नई सीट मेरठ दक्षिण बनाई गई।
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गगोल तीर्थ और मंशा देवी मंदिर है प्रसिद्ध
मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से भी अहम है। जाग्रति विहार स्थित प्रसिद्ध मां मंशा देवी मंदिर और गगोल गांव स्थित तीर्थ भी इसी क्षेत्र में पड़ता है। संजय वन भी इसी क्षेत्र में है। 

ये हैं प्रमुख स्थान
डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी - परतापुर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का शुरुआती स्थल - परतापुर
रैपिड रेल का मेरठ में प्रवेश द्वार - परतापुर
आईटी पार्क - वेदव्यासपुरी

खरखौदा सीट से ये रहे विधायक
1974 - प्रेम सुदंर नारायण सिंह, कांग्रेस
1977 - अब्दुल हलीम खान, जनता पार्टी
1980 - दामोदर शर्मा, कांग्रेस
1985 - राजेंद्र शर्मा, कांग्रेस
1989 - प्रभुदयाल, जनता दल
1993 - जयपाल सिंह गुर्जर, भाजपा
1996 - जयपाल सिंह गुर्जर, भाजपा
2002 - हाजी याकूब, बसपा
2007 - लखीराम नागर, बसपा

मेरठ दक्षिण से ये रहे विधायक
2012 - रवींद्र भड़ाना, भाजपा
2017 - सोमेंद्र तोमर, भाजपा

कुल मतदाता - चार लाख 74 हजार 512
पुरुष मतदाता - दो लाख 57 हजार 976
महिला मतदाता - दो लाख 16 हजार 515
थर्ड जेंडर - 21

2017 में ये रहा था परिणाम
सोमेंद्र तोमर, बीजेपी - 113225 (35395 मतों से जीते )
हाजी मोहम्मद याकूब, बीएसपी - 77830
आजाद सैफी, कांग्रेस - 69117
पप्पू गुर्जर, रालोद - 5462
कुल मतदान हुआ था - 63.14

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