फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP Election 2022: SP RLD alliance candidate has not yet been declared on Siwalkhas Seat

यूपी चुनाव 2022: मेरठ की इस सीट पर खींचतान जारी, क्या होगा अखिलेश-जयंत का फैसला, लोगों को बेसब्री से इंतजार

Mon, 17 Jan 2022 10:39 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 17 Jan 2022 10:39 PM IST
सार

मेरठ की सिवालखास सीट पर अभी पेंच फंसा हुआ है। लोगों को बेसब्री से इंतजार है कि आखिर अखिलेश और जयंत का इस सीट पर क्या फैसला होगा।

विज्ञापन
UP Election 2022: SP RLD alliance candidate has not yet been declared on Siwalkhas Seat
जयंत चौधरी व अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ में सिवालखास विधानसभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशी के लिए चल रही खींचतान खत्म नहीं हो रही है। सपा प्रमुख इस सीट पर पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद के लिए अड़े हैं तो रालोद प्रमुख इस सीट को अपने पाले में चाहते हैं।

विज्ञापन


राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अब इस सीट पर गठबंधन के बीच फ्रैंडली फाइट हो सकती है। सपा द्वारा प्रत्याशी उतारे जाने पर रालोद भी अपने सिंबल पर अपने प्रत्याशी को उतार सकती है। मुस्लिम वोटरों की सर्वाधिक संख्या के बाद यहां जाट मतदाता सबसे ज्यादा है। मेरठ में गठबंधन द्वारा जाट प्रत्याशी नहीं बनाए जाने का खामियाजा भी गठबंधन को भुगतना पड़ सकता है। गठबंधन जहां पहले ही तीन जनपद की सात सीटों में से तीन सीटों पर मुस्लिमों को टिकट दे चुका है। वहीं गुलाम मोहम्मद को टिकट मिला तो ये चौथा मुस्लिम टिकट होगा। रालोद का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर रालोद के प्रत्याशी ही सबसे ज्यादा बार विजयी रहे हैं। टिकट के लिये पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद कई दिन से लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं तो वहीं रालोद नेता भी दिल्ली में उपस्थित है। रालोद से टिकट की दौड़ में डॉक्टर राजकुमार सांगवान, सुनील रोहटा, यशवीर सिंह और रणबीर दहिया शामिल है। 
विज्ञापन


सोशल मीडिया पर चल रहा वार-पलटवार
पिछले कई दिन से गठबंधन के प्रत्याशियों की सूची लगातार जारी हो रही है। सोमवार को भी रालोद ने छपरौली और बड़ौत की घोषणा की है, लेकिन सिवालखास का मामला नहीं सुलझ पा रहा है। वहीं क्षेत्र में सपा और रालोद समर्थक सोशल मीडिया पर जमकर बैटिंग कर रहे हैं। हर कोई अपनी पार्टी और अपने नेता को टिकट मिलने की पोस्ट डालकर चुनाव लड़ाने का दावा कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: चुनाव से पहले पकड़ा अवैध हथियारों का जखीरा: एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार, बंद पड़े ईंट भठ्ठे पर चल रही थी फैक्टरी

बागपत लोकसभा की सीट है सिवालखास
सिवालखास सीट बागपत लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। यहां से रालोद प्रमुख चौधरी जयंत सिंह के दादा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और जयंत के पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह कई बार सांसद रहे हैं। पिछला लोकसभा चुनाव जयंत ने इसी सीट से लड़ा था, हालांकि वे एक कड़े मुकाबले में भाजपा सांसद डॉक्टर सतपाल सिंह से हार गए थे। जयंत इस सीट को हर हाल में अपनी पार्टी के लिये चाहते हैं। यहीं वो पेंच है जो निकल नहीं पा रहा है। 

नहीं सुलझा मामला तो हो सकती है फ्रैंडली फाइट
अगर मंगलवार को ये मामला नहीं निपटा तो पार्टी अपने-अपने सिंबल पर प्रत्याशी घोषित कर सकती है। ऐसे में दोनों दलों के बीच फ्रैंडली फाइट होने की नौबत रहेगी। हालांकि ऐसा होने का फायदा गैर गठबंधन प्रत्याशी उठा सकते हैं। 

यह भी पढ़ें: यूपी चुनाव: सपा-रालोद गठबंधन ने मेरठ दक्षिण सीट से आदिल चौधरी को बनाया प्रत्याशी, अभी सिवालखास पर फंसा है पेंच

जाटों को साधना होगा मुश्किल
रालोद को टिकट नहीं मिलने की स्थिति में जाट मतदाताओं को संभालना रालोद के लिए मुश्किल हो सकता है। जाट नेताओं का कहना है कि जनपद में उन्हें भी कोटे की एक सीट चाहिए। पहले इस सीट से रालोद पांच बार विजयी रहा है। परिसीमन के बाद 2012 में सुरक्षित से सामान्य हुई सीट पर रालोद प्रत्याशी विजयी तो नहीं हुआ लेकिन, 2012 में दूसरे और 2017 में तीसरे नंबर पर रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed