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यूपी: एचआईवी पॉजिटिव महिला की डिलीवरी से चिकित्सकों ने किया इंकार, मेरठ रेफर  

Wed, 29 Aug 2018 07:20 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 29 Aug 2018 07:20 PM IST
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UP: Doctors refused to delivery of HIV positive women referred to Meerut
जिला महिला अस्पताल बिजनौर - फोटो : अमर उजाला
यूपी सरकार भले ही योजनाओं और आमजन को दी जाने वाले सुविधाओं के सही क्रियान्वयन के दावे करती रहे लेकिन जमीनी हकीकत तो यही है कि ये सुविधाएं या तो केवल कागजों तक या फिर शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित रह जाती हैं। इसका ताजा उदाहरण यूपी के बिजनौर का जिला अस्पताल है। जहां एचआईवी पॉजिटिव महिलाओं की नॉर्मल एवं सीजर से डिलीवरी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को जिला महिला अस्पताल के चिकित्सकों ने मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। जानें क्या था मामला:-
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चिकित्सकों ने महिला को भर्ती करने से कर दिया इंकार

बुधवार को नगीना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला को उसका पति डिलीवरी कराने के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचा। आरोप है कि वहां के चिकित्सकों ने महिला को भर्ती करने से मना कर दिया। इससे परिजन परेशान हो गए। परिजनों के मुताबिक उनके पुत्र ने करीब दो वर्ष पूर्व ही मुंबई की एक युवती से प्रेम विवाह किया था। प्रेग्नेंसी जांच कराने पर पता चला कि महिला एचआईवी पॉजिटिव है। तभी से महिला का इलाज जिला महिला चिकित्सालय का चल रहा है।

महिला के पति के मुताबिक वह मुंबई में रहकर मजदूरी करता था। उसने वहां की युवती से शादी की थी। शादी के बाद ही उसे पता चला था कि पत्नी एचआईवी पॉजिटिव है, जबकि युवक निगेटिव है। वह चाहता है कि कम से कम आने वाली संतान एचआईवी पॉजिटिव पैदा न हो। इसी बात को ध्यान में रखते हुए वह पत्नी को जिला महिला अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए लाया था, लेकिन वहां के चिकित्सकों ने उसकी मंशा पर पानी फेर दिया। 

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चिकित्सकों का कहना है कि अन्य मरीजों में संक्रमण न फैले इसी को ध्यान में रखते हुए महिला को रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में एक ही ओटी है,जबकि मेडिकल कॉलेज में चार ऑपरेशन थिएटर हैं। एचआईवी सीजर के लिए एक अलग से सेपरेट ओटी है। वहां अच्छे से इसका ऑपरेशन हो सकता है। ऐसे सीजर करने के बाद कम से कम 72 घंटे तक ओटी को बंद रखकर उसकी सफाई आदि कराई जाती है। ऐसा करने से कम से कम 30 मरीज प्रभावित होंगे। प्रतिदिन यहां 10 सीजर किए जाते हैं। 

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