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यूपी: उल्देपुर मामले को लेकर दलितों ने दी आंदोलन की चेतावनी, पुलिस के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

Tue, 21 Aug 2018 03:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 21 Aug 2018 03:38 PM IST
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UP: Dalits warns against protest in Uldepur case for justice
महापंचायत करते दलित समाज के लोग - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के गांव उल्देपुर में दलित छात्र रोहित की हत्या के मामले में दलित समाज में जबरदस्त आक्रोश है। सोमवार को दलित समाज ने कमिश्नरी पार्क में महापंचायत की। इस दौरान उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर आंदोलन की चेतावनी दी। दलित और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। दलित बोले कि पुलिस ने सत्ता के दबाव में पीड़ित दलित परिवार पर मुकदमा दर्ज कर लिया, जबकि हत्यारोपी बारहवें दिन भी खुलेआम घूम रहे हैं। 

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गंगानगर थानाक्षेत्र के उल्देपुर गांव में रोहित कुमार की नौ अगस्त को राजपूत समाज के लोगों ने हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेजा। जबकि पांच आरोपी अभी फरार हैं। वहीं पुलिस ने हत्यारोपी पक्ष की तहरीर पर पीड़ित दलित परिवार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इसको लेकर दलित समाज में आक्रोश है।

दलित संगठनों ने कमिश्नरी पार्क में 20 अगस्त को महापंचायत का ऐलान किया था। बाद में पुलिस अधिकारियों आश्वासन पर महापंचायत स्थगित करा दी थी। इसके बावजूद स्टूडेंट डेमोक्रेटिव फ्रंट ने कमिश्नरी पार्क में दलितों की महापंचायत कर दी। जानकारी पर पुलिस फोर्स तैनात किया गया।

भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए। कहा कि भीम आर्मी दलितों का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी। दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की सीओ सिविल लाइन रामअर्ज, इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक से तीखी झड़प हुई। करीब दो घंटे तक हंगामा चला।

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UP: Dalits warns against protest in Uldepur case for justice
प्रदर्शन करते लोग

दलितों में पुलिस के प्रति गुस्सा 
दलित महापंचायत में स्टूडेंट डेमोक्रेटिव फ्रंट,भारतीय मूल निवासी संगठन, भीम आर्मी एवं अन्य सहयोगी संगठनों ने घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। पंचायत में निर्णय लिया गया कि यदि शासन प्रशासन स्तर पर 30 अगस्त तक मांगे पूरी नहीं की गईं तो जिले के हजारों गांवों की पंचायत की जाएगी। फ्रंट के अध्यक्ष डा. सुशील गौतम ने कहा कि शासन प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया।

पीड़ित परिवार की मदद करे प्रशासन 
दलित संगठनों के लोग पार्क से नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने रोहित के हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाने की मांग की। पीड़ित पक्ष पर दर्ज झूठे मुकदमे जल्द वापस लिए जाएं। उन्होंने पीड़ित पक्ष को 50 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग की। सात सूत्रीय मांग पत्र जिला प्रशासन को दिया। इस दौरान आदेश नागौरी, एडवोकेट उपेंद्र गौतम, संजय जाटव आदि दलित संगठनों के लोग मौजूद रहे। 

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