यूपी: गोवंश पकड़ो अभियान की आड़ में सक्रिय हुए गो तस्कर, गायब मिलीं कई गायें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम ने नौ जनवरी से शहर की सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को पकड़कर कांजी हाउस, अस्थायी गोशाला में भेजने की व्यवस्था की है। अब तक अभियान में रविवार रात तक 105 गोवंश दोनों जगह पहुंच गए हैं। नगर निगम ने संस्था सीएलसी को गोवंश के रखरखाव की जिम्मेदारी दी हुई है।
रविवार को गंगानगर निवासी सविता और कांता अपनी गाय की तलाश में सूरजकुंड पहुंची, लेकिन उन्हें अपनी गायें नहीं मिली। इससे साफ है कि गोतस्कर नगर निगम की टीम के बहाने गायें ले गए हैं।
वीडियोग्राफी होती है
महिला विकास क्लब के अध्यक्ष राकेश गौड़ का कहना है कि नगर निगम और हमारे लोग शहर में सड़कों से बेसहारा गोवंश को पकड़ रहे हैं। पकड़ते समय भी वीडियोग्राफी कराई जा रही है। गोशाला पहुंचने पर सभी पशुओं की गिनती करते हैं। एक-एक पशु का हमारे यहां पर हिसाब है।
निगम की गाड़ियों पर पहचान के लिए शीशे पर लिखित पट्टी लगाई गई है। यह बात सही है कि कई लोग अपनी गाय की तलाश में गोशाला पहुंचे हैं, लेकिन उनकी गाय गोशाला तक नहीं पहुंची। कुछ गोतस्कर हमारी टीम से भी गायों को छीनकर ले जा रहे हैं। जिसकी शिकायत पुलिस से भी की जा चुकी है।
लगाए जाएंगे निशान
गोशाला में पहुंच रहे सभी गोवंश की पहचान के लिए चिह्न लगाए जाएंगे। ताकि पहचान हो सके कि ये शहर से पकड़े हुए गोवंश हैं। गोवंश का गोशाला में पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वहीं गोशाला और कांजी हाउस में पशुओं की देखरेख के लिए चौकीदार भी रखे गए हैं।
गोतस्करों की नहीं है जानकारी
हमने संस्था को गोवंश पकड़ने और रखने की जिम्मेदारी दी हुई है। जो गाय पकड़ी जाती हैं उनका रिकार्ड रखा जा रहा है। गोतस्करों की जानकारी हम तक नहीं पहुंची है। यदि ऐसा है तो पुलिस अधिकारियों को पत्र भिजवाया जाएगा। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/