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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP Board: more than forty two students of class 12th will be promoted in Meerut

यूपी बोर्ड : मेरठ में 12वीं के 42591 छात्र होंगे प्रोन्नत, शिक्षक बोले- होनहार बच्चों को होगा नुकसान

Thu, 03 Jun 2021 08:56 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 03 Jun 2021 08:56 PM IST
सार

शिक्षकों का कहना है कि इंटर की परीक्षाएं रद्द कराने का निर्णय हालात के हिसाब से तो सही है। हालांकि इसमें होनहार बच्चों को नुकसान हो सकता है।

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UP Board: more than forty two students of class 12th will be promoted in Meerut
यूपी बोर्ड : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी बोर्ड की दसवीं कक्षा के बाद 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी हैं। इस साल अब दसवीं कक्षा की तरह 12वीं के छात्र-छात्राओं को भी बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। 
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मेरठ जिले के 398 स्कूलों में पढ़ने वाले 42591 विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा। इनमें संस्थागत 40750 और व्यक्तिगत 1841 हैं। मेरठ में माध्यमिक शिक्षा परिषद का क्षेत्रीय कार्यालय है। इसके अंतर्गत 17 जिले आते हैं। इनके करीब 5 लाख विद्यार्थी इंटरमीडिएट में हैं, जो प्रोन्नत होंगे।
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण परीक्षाओं को रद्द करने के कयास काफी पहले से लगाए जा रहे थे। हालांकि 12वीं की परीक्षा जुलाई के दूसरे सप्ताह में आयोजित किए जाने की कवायद थी। कहा गया था कि इंटरमीडिएट की परीक्षा पूर्व की तरह इस वर्ष भी 15 कार्य दिवसों में संपादित की जाएगी।
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प्रश्नपत्र की अवधि को मात्र डेढ़ घंटे रखा जाएगा तथा छात्रों को प्रश्नपत्र में दिए गए 10 प्रश्नों में से किन्ही 3 प्रश्नों का उत्तर देने की स्वतंत्रता होगी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 

इसी के मद्देनजर पिछले दिनों विद्यार्थियों के प्री बोर्ड और छमाही के अंक अपलोड कराए गए थे। विद्यार्थियों ने कक्षा 11 में वार्षिक परीक्षा के जो लिखित और प्रायोगिक परीक्षा में अंक प्राप्त किए थे, उन्हें भी अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। लिखित परीक्षा के 70 अंक और प्रोजेक्ट के 30 अंक निर्धारित हैं। 

निर्णय विद्यार्थियों के हित में 
यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में है। क्योंकि परिस्थितियां परीक्षा कराने के अनुकूल नहीं हैं। - डॉ वीर बहादुर सिंह, प्रिंसिपल, केके इंटर कॉलेज

होनहार बच्चों को होगा नुकसान
इंटर की परीक्षाएं रद्द कराने का निर्णय हालात के हिसाब से तो सही है। हालांकि इसमें होनहार बच्चों को नुकसान हो सकता है। इंटर की परीक्षाएं जरूर होनी चाहिए थीं। - सुशील कुमार, प्रिंसिपल, डीएन इंटर कॉलेज

निर्णय स्वागत योग्य 
पढ़ाई न होने से विद्यार्थी सही से तैयारी नहीं कर पाए थे। ऑनलाइन पढ़ाई से ज्यादा विद्यार्थी जुड़ नहीं पाए थे। इस निर्णय स्वागत योग्य है। - फतेह चंद, प्रिंसिपल, राजकीय इंटर कॉलेज

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