यूपी बोर्ड : वायरल हुआ अंग्रेजी का 2nd पेपर, अधिकारियों में मचा हड़कंप
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बागपत में यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा के विज्ञान वर्ग का अंग्रेजी द्वितीय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहली ही व्हाट्स एप के माध्यम से वायरल हो गया। संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ को भी परीक्षा शुरू होने से पहले यह प्रश्नपत्र भेजा गया। डीआईओएस ने तीन सदस्य कमेटी बनाकर जांच कराई तो हूबहू मिलान हुआ। प्रश्नपत्र कैसे और कहां से वायरल हुआ, इसकी जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है। जेडी (शिक्षा विभाग) दिव्यकांत शुक्ल का दावा है कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है।
डीआईओएस पीके मिश्रा ने बताया कि आदर्श इंटर कॉलेज सिनौली नंगला के पूर्व प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र व्हाट्स एप के जरिए भेजकर वायरल होने का दावा किया। जेडी दिव्यकांत शुक्ला के निर्देश पर लीक प्रश्नपत्र का ऑरिजनल पेपर से मिलान कराने के लिए श्री यमुना इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जयपाल शर्मा, राजकीय इंटर कॉलेज सूप की प्रधानाचार्य कुमुद रानी और बसौद के राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाचार्य अंतरिक्ष कुमार की टीम बनाकर जांच कराई गई। दोनों प्रश्नपत्रों का मिलान हूबहू हुआ है।
वहीं डीआईओएस ने छपरौली क्षेत्र के स्कूलों में जांच अभियान चलाया। शिक्षा विभाग के अफसरों ने मामले की जानकारी डीएम ऋषिरेंद्र कुमार और सीडीओ चांदनी सिंह को दी। डीएम ने जांच के लिए एडीएम बागपत लोकपाल सिंह, एसडीएम बागपत विवेक कुमार यादव और डीडीओ हूब लाल की तीन सदस्यीय टीम बनाई है। डीआईओएस का दावा है कि बड़े परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से करीब तीस मिनट पहले प्रश्नपत्र खोल लेते हैं, लेकिन बागपत से परीक्षा की कोई गोपनीयता भंग नहीं हुई है।
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जांच होगी, दोषियों पर कराएंगे मुकदमा : जेडी
संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है। दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर उन्हें सूचना मिली, इसकी जांच के लिए उन्होंने डीआईओएस को निर्देश दिए। परीक्षा से करीब आधे घंटे पहले पेपर खोल लिया जाता है। लेकिन इस बात की जांच कराई जा रही है कि बागपत या किसी अन्य जिले के सेंटर से यह पेपर परीक्षा केंद्र से बाहर कैसे वायरल हुआ। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बागपत में इस तरह लीक हुआ पेपर
प्रश्नपत्र लीक की शिकायत करने वाले पूर्व प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर का कहना है कि उन्हें लीक पेपर व्हाट्स एप के जरिए 12 बजकर 49 मिनट पर मिला। इस पेपर को उन्होंने एक बजकर 21 मिनट पर संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेजा। प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराई जानी चाहिए। वह हर जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं। इससे पहले भी प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन उनकी सूचना की अनदेखी की गई।
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