UP Board Result: जरा हटके हैं संघर्ष की ये कहानियां, ड्राइवर-मजदूर के बच्चों ने रचा ऐसा इतिहास, हर कोई हैरान
UP Board Result 2023 : संघर्ष की कहानियां तो आपने खूब पढ़ीं होंगी, लेकिन मेरठ के इन होनहार छात्रों की संघर्ष की कहानियां भी किसी से कम नहीं हैं। इन्होंने यूपी बोर्ड के रिजल्ट में ऐसा इतिहास रचा, जिससे हर कोई हैरान रह गया।
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पढ़ाई करने के लिए बहुत ज्यादा पैसा और खास सुविधाओं की नहीं बल्कि मेहनत और लगन की जरूरत होती है। ऐसा नहीं है कि अगर आपके पास पैसा और आधुनिक सुविधाएं नहीं हैं तो आप पढ़ाई नहीं कर पाएंगे। अगर कोई भी पढ़ाई के प्रति लगन और मेहनत करने की ठाल लें तो सफलता जरूर मिलती हैं। ऐसे ही कई उदाहरण मंगलवार को देखने के लिए मिले, जब दोपहर में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रिजल्ट आया। घरों में कम सुविधाएं होते हुए भी इन बच्चों ने बहुत अच्छे अंक पाए हैं, जिससे हर कोई हैरान है। आप भी इन छात्रों के बारे में जानकर तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे। तो आइए बताते हैं इनके बारे में खास बातें-
छवि ने बढ़ाया परिवार का मान, विषम परिस्थितियों में पढ़ाई कर बनी टॉपर
मेरठ जिले में छठी रैंक हासिल करने वाली आरजी इंटर कॉलेज की हाईस्कूल की छात्रा छवि ने कमाल कर दिखाया है। मवाना रोड स्थित अमहेड़ा निवासी छवि ने परीक्षा में 94.3 अंक हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया है। पिता प्रवीण कुमार ड्राइवर हैं, जबकि माता दीपा कुमारी सिलाई कर घर की आर्थिक स्थिति में मदद करती हैं।
परिजन कहते हैं कि बेटी ने हमारा नाम रोशन किया है। छवि ने विषम परिस्थितियों में पढ़ाई कर टॉप स्थान में अपना नाम दर्ज कराया है। भविष्य में चिकित्सक बनना चाहती हैं, जिसके लिए कोचिंग भी शुरू कर दी है।
रोनित की जिले में सातवी रैंक, शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
सनातन धर्म इंटर कॉलेज सदर का छात्र रोनित कुमार ने इंटर में जिले में सातवी रैंक हासिल की हैं। परीक्षा में 93.8 प्रतिशत आने पर वे बेहद खुश हैं। मलियाना निवासी रोनित बताते हैं कि पिता मुकेश कुमार का मसालों का व्यापार है। माता सुषमा देवी गृहणी हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय परिजन और शिक्षकों को देते हैं। परीक्षा की तैयारियों में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है। फिलहाल जेईई मेंस परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं। अच्छे कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई करनी है।
मजदूर के बेटा बना टॉपर, पिता बोले- बेटों ने किया नाम रोशन
कंकरखेड़ा स्थित टीकाराम कॉलोनी निवासी टीकम सिंह मजदूरी करते हैं। उनके दोनों बेटों ने समाज में उनका नाम रोशन कर दिया है। छोटा बेटा निखिल कुमार एसडी सदर में पढ़ता है। मंगलवार को जारी हुए परिणाम में इंटर में स्कूल में तीसरा स्थान प्राप्त किया तो पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि बड़ा बेटा विकास कुमार भी 2018 में स्कूल का टापर रह चुका है।
निखिल ने बताया कि पापा का नाम रोशन करना है। नीट परीक्षा की तैयारी कर हूं, अच्छा डॉक्टर बनने का सपना है।
पिता दुकान में हेल्पर, बेटे ने किया स्कूल टॉप
सनातन धर्म इंटर कॉलेज सदर के हाईस्कूल के छात्र तनीश पाल ने 91 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। माता का नाम गीता पाल है। पिता संजय पाल आबूलेन स्थित हार्डवेयर की दुकान में हेल्पर का काम करते हैं। मोदीपुरम के रहने वाले तनिश ने बताया कि भविष्य में इंजीनियर बनना है, जिसके लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं। पापा चाहते हैं कि मैं एक बड़ा आदमी बनूं।