हथियार रखने के शौकीनों को अब एक-एक गोली का देना होगा हिसाब, घर आकर औचक जांच करेगी पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर जिलाधिकारी नगर ने अपने कार्यालय में शस्त्र विक्रेताओं की बैठक में इस बाबत जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चंद्र ने शस्त्र और कारतूस विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे अपनी दुकानों पर शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए ही कारतूस बेचें। प्रतिदिन की कारतूस बिक्री का डाटा शस्त्र अनुभाग में रोज उपलब्ध कराया जाए।
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कार्रवाई
कारतूस विक्रेता से उपलब्ध आंकड़े को शस्त्र अनुभाग शस्त्र लाइसेंस धारक के संबंधित थाना क्षेत्र को भेजेगा। थाना पुलिस कभी भी किसी का भी औचक निरीक्षण करेगी। यदि खरीदे और उपलब्ध कारतूसों में अंतर मिला, तो उसका जवाब लाइसेंस धारक को देना होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
कारतूसों के दुरुपयोग के मामले आ रहे सामने
प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर चल रही सख्ती में कारतूसों के दुरुपयोग का इनपुट लगातार मिल रहा है। बदमाशों को कारतूसों की उपलब्धता का एक बड़ा माध्यम शस्त्र लाइसेंस धारक भी हैं, जो लाइसेंस के आधार पर कारतूस खरीदकर बदमाशों को देते हैं। वहीं हर्ष फायरिंग आदि के मामले भी सामने आते रहते हैं। इन पर भी लगाम कसेगी।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/