UP: मेरठ के MIT कॉलेज में तुर्किए के प्रतिनिधि को बुलाने का आरोप, हिंदू संगठनों का हंगामा
मेरठ के एमआईटी कॉलेज में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान तुर्किए प्रतिनिधि को बुलाने के आरोप में हिंदू संगठनों ने किया हंगामा। कॉलेज प्रशासन ने आरोपों को नकार दिया है, बताया कि तुर्किए की प्रोफेसर का आमंत्रण रद्द हो गया है।
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मेरठ के परतापुर बाईपास स्थित एमआईटी कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन रिसर्च एडवांस इन प्योर एंड एप्लाइड मैथमेटिक्स उस वक्त विवादों में आ गई, जब कुछ हिंदू संगठनों ने सम्मेलन में तुर्किए की प्रतिनिधि को आमंत्रित करने का आरोप लगाते हुए कॉलेज में जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया।
हिंदू रक्षा दल और भारतीय किसान मंच के दर्जनों कार्यकर्ता शुक्रवार को कॉलेज पहुंचे और कहा कि तुर्की ने हाल ही में पाकिस्तान को भारत के खिलाफ ड्रोन मुहैया कराए हैं, ऐसे में किसी भी तुर्की नागरिक को सम्मेलन में बुलाना देशविरोधी गतिविधि है। प्रदर्शनकारियों ने 'बायकॉट तुर्की' और 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगाए और कार्यक्रम को रद्द करने की मांग की।
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आयोजन को लेकर कॉलेज प्रशासन ने दी सफाई
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा ने स्पष्ट किया कि सम्मेलन में तुर्की की डॉक्टर अयनूर शाहीन को आमंत्रित किया गया था, लेकिन भारत-पाक तनाव को देखते हुए उनका आमंत्रण रद्द कर दिया गया।
कॉन्फ्रेंस में जर्मनी, जापान, सर्बिया व भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद थे। उन्होंने कहा कि “किसी भी तुर्की प्रतिनिधि ने सम्मेलन में भाग नहीं लिया, आरोप आधारहीन हैं।”
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और कॉलेज प्रशासन से बातचीत करवाई। कॉलेज की ओर से लिखित माफीनामा सौंपे जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, हालांकि संगठनों ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा कोई मामला सामने आया तो आंदोलन और उग्र होगा।
कांफ्रेंस को कश्मीर से किया गया शिफ्ट
यह कॉन्फ्रेंस पहले 13–14 मई को पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में आयोजित होनी थी, लेकिन 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा कारणों से आयोजन स्थल को मेरठ शिफ्ट किया गया।