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गंगा में छोड़ा गया 1.76 लाख क्यूसेक पानी, पश्चिमी यूपी के इन गांवों पर मंडराया खतरा, अलर्ट

Sat, 01 Sep 2018 07:04 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Updated Sat, 01 Sep 2018 07:04 PM IST
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UP, 1.76 lakh cusecs water released in Ganga, and threat to these villages of Western UP, alert
सड़क पर आए पानी से सड़क कटाव को रोकने के लिए मिटृटी के कट्टे लगाते लोग - फोटो : अमर उजाला

पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही झमाझम बारिश से गंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा में हरिद्वार से भी दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा में रात में पानी बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, नाव पलटने से गंगा में डूबे लोगों की तलाश में पीएसी और गोताखोरों की टीम लगी है। यह स्थिति यूपी में बिजनौर जनपद की है।   

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गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश के बाद गंगा में तेजी से जल स्तर बढ़ रहा है। गंगा में पानी बढ़ने से तटीय गांवों के लोगों को खतरा पैदा हो गया है। गंगा में गुरुवार रात एक लाख 76 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अभी और पानी बढ़ने की उम्मीद है, जिसके बाद से तटीय गांवों के लोग चौकन्ना हो गए हैं। वहीं, गंगा में नाव पलटने से डूबे लोगों की तलाश में शुक्रवार को भी पीएसी और गोताखोरों की टीम लगी रही। टीम ने रावली से लेकर बैराज तक गंगा को खंगाला। 
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गुरुवार को गंगा में टीम को एक महिला का शव मिला था। शव डेबलगढ़ निवासी सोनवीर की पत्नी सुनीता का बताया जा रहा था। परिजनों ने शव देखकर सुनीता का शव होने से मना कर दिया। मंडावर पुलिस के मुताबिक गंगा में मिला शव दूर से बह कर आया है। शव की पहचान नहीं हो पाई है, शव काफी दिन पुराना लग रहा है। मध्य गंगा बैराज के जेई आयुष कुमार के मुताबिक गंगा में एक लाख 76 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है, पानी रात में बढ़ सकता है।

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UP, 1.76 lakh cusecs water released in Ganga, and threat to these villages of Western UP, alert
गंगा बैराज - फोटो : अमर उजाला

नहर की पटरी टूटी, पानी खेतों में पहुंचा
जलीलपुर क्षेत्र में सिंचाई करने वाली नहर की पटरी टूटने से फसलें जलमग्न हो गई। जलीलपुर से नारनौर मार्ग पर स्थित आरा मशीन के पास नहर की पटरी टूट गई जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई। किसानों ने सिचांई विभाग द्वारा अधिक पानी छोड़े जाने से पटरी टूटना बताया है। वहीं, दत्तियाना से सुजातपुर खादर जाने वाली सड़क पर पानी आने से टूटी सड़क की मरम्मत, सड़क कटान रोकने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिट्टी से भरे कट्टे लगाए हैं। भाजपा कार्यकर्ता सौरभ त्यागी, डॉ. दुष्यंत, सुभाष चौहान, कुलदीप चौहान आदि व अनिल कुमार जेई आदि का पानी के बहाव को रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे लगाने में विशेष योगदान रहा।  

सुरक्षा के लिए बाढ़ चौकियां बनाईं 
बढ़ापुर में गांव बेनीपुर के प्राथमिक विद्यालय, शाहनगर कुराली के उच्च प्राथमिक विद्यालय, नूरपुर अरब के प्राथमिक विद्यालय और बढ़ापुर नगर पंचायत के कार्यालय परिसर में बाढ़ नियंत्रण चौकी स्थापित कर स्टाफ की तैनाती की है जो बाढ़ के हालात पर नजर रखने के साथ-साथ बाढ़ चौकी  पर आने वाले शरणार्थियों के रहने, खाने व बीमारी की दशा में दवाईयों की व्यवस्था किये हुए है। गुरुवार रात खो व ऊनी नदी के समीप बसे गांव नंगला लद्दा, जमालपुर ढ़ीकली व सारंगवाला जाकर बाढ़ चौकी के कर्मियों ने नदी के आसपास व बाढ़ के संभावित गहराई क्षेत्र में लाल झंडी लगाई।

खो नदी में आया उफान, बेचैनी बढ़ी 
शेरकोट में डीएम अटल कुमार राय ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित नंदगांव सहित कई गांवों का दौरा किया। डीएम ने प्रशासनिक और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी तरह से अलर्ट रहे। यदि कहीं पर अधिक बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति पैदा होती है तो इसकी सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को दी जाए। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ खो नदी के किनारे बसे नंदगांव का दौरा किया। गुरुवार रात से पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश ने खो नदी में उफान आ गया है। इससे लोग फिर बेचैनी पैदा हो गई है। खो नदी में लगभग 47 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। पानी के शुक्रवार रात में बढ़ने की और भी संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि अधिकारियों द्वारा बाढ़ जैसी स्थिति से इनकार किया जा रहा है। क्षेत्र के ग्राम नंदगांव, नाथाडोई मार्ग पर भी काफी पानी बहने से ग्रामीणों को पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। डीएम के साथ सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रामबाबू व एसपी बिजनौर उमेश कुमार, एसडीएम कुंवर वीरेंद्र कुमार सिंह शामिल रहे।

जलीलपुर क्षेत्रवासियों को सता रही चिंता
जलीलपुर में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने से जलीलपुर क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव में किसानों की फसल और मकान बर्बाद होने की कगार पर हैं। पशुओं को चारा नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को गंगा नदी में छठी बार जल स्तर बढ़ जाने से बाढ़ का प्रकोप दिखाई दे रहा है। गांव सलेमपुर, मीरापुर सीकरी, रायपुर, जलालपुर, नारनौर, जमालुद्दीनपुर, स्याली, मुदापुरा, दत्तियाना, कुम्हरिया, हुसैनपुर खासा आदि गांव बाढ़ से पीड़ित हैं। ग्रामीण छत्रपाल सिंह, रूपचंद्र, मेघराज सिंह, ननका, करतार सिंह प्रधान ने बताया कि गांव में पानी भरने से गांववासी प्रशासन द्वारा बनाए राहत शिविर में न पहुंचकर रिश्तेदारी में शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों ने अपने मकान खाली कर बच्चों को रिश्तेदारी में पहुंचा दिया है।

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