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यूपी: खाप पंचायत के फैसले के बाद यहां हुई अनोखी शादी, बारात देखकर हर कोई रह गया हैरान

Sat, 09 Feb 2019 11:05 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 09 Feb 2019 11:05 AM IST
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Unique wedding ceremony in Meeerut after the decision of Khap Panchayat
khap wedding

आज के दौर में शादी समारोह पर जहां लाखों रुपये खर्च करने और बेटियों को ज्यादा से ज्यादा दहेज देकर विदा करने की होड़ मची है वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो सादगी के साथ बिना दहेज शादी कर समाज को बड़ा संदेश दे रहे हैं। शुक्रवार को ऐसी ही एक शादी हुई जिसकी चर्चा हर कोई कर रहा है। दरअसल यहां पहुंची बारात को देखकर हर कोई हैरान रह गया: -

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मामला मेरठ का है। यहां प्रदेश खाप (अहलावत) के मुखिया एवं खतौली तहसील के गांव रायपुर नंगली निवासी चौधरी गजेंद्र सिंह अहलावत के इंजीनियर बेटे हार्दिक अहलावत की शादी होनी थी। कुछ दिन पहले खतौली में हुई सर्वखाप की महापंचायत में 5 से 11 बाराती, बिना दहेज लिए शादी और मृत्युभोज पर पाबंदी जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था।

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इसके बाद शुक्रवार को एक शादी में 11 बाराती आए और बिना दहेज लिए आर्य समाज मंदिर में शादी कर दुल्हन को विदा कर ले गए। इस निर्णय को अमलीजामा पहनाने के लिए सबसे पहले यह पहल चौधरी गजेंद्र सिंह ने ही शुक्रवार को की। उन्होंने अपने बेटे का रिश्ता कलंजरी गांव निवासी एवं जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर अंकुर सांगवान की बहन स्वाति से तय किया था। शुक्रवार को वे बेटे सहित 11 लोगों के साथ बारात लेकर शास्त्रीनगर डी ब्लाक के आर्य समाज मंदिर पहुंचे।

अंकुर सांगवान ने बताया कि बारातियों को खाना चौकी पर बैठाकर खिलाया गया। खाने में सिर्फ सब्जी-पूड़ी, रायता और रसगुल्ला था। दूल्हे ने अंगूठी पहनने से भी मना कर दिया। कहा कि वह इसे भी दहेज का ही हिस्सा मानता है।

Unique wedding ceremony in Meeerut after the decision of Khap Panchayat
khap wedding

बेटी होती है घर की रोशनी
प्रदेश खाप के मुखिया गजेंद्र अहलावत ने कहा कि बेटी तो घर की रोशनी होती है। दहेज और बड़ी बारात, बैंड बाजा, आतिशबाजी, बैंकेट हाल, सजावट आदि पर होने वाले लाखों रुपये के खर्चे ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। बेटी पैदा होते ही बाप उसके दहेज के लिए पैसा जोड़ना शुरू कर देता हैं।

यदि समाज से इस तरह की कुरीतियां खत्म हो जाए तो कोई भी अपनी बेटी को दहेेज के डर से कोख में मारने की नहीं सोचेगा। अंकुर सांगवान ने बताया कि दूल्हा हार्दिक अहलावत गुरुग्राम स्थित मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और स्वाति सिविल सर्विस की तैयारी कर रही है।

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