मेरठ तक मेमू दौड़ाने की तैयारी, केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने रेल मंत्री को सौंपा था पत्र
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दिल्ली से मेरठ तक दैनिक यात्रियों का सफर सुहाना बनाने के लिए रेलवे ने प्लान पर कार्य करना शुरू कर दिया है। वर्षों से चल रही ईएमयू (इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) चलाने की मांग पर गुलधर और मुरादनगर में प्लेटफार्म की कम ऊंचाई ने रोड़ा अटकाया हुआ है। वहीं केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने रेलवे से सुबह और शाम के समय ईएमयू को गाजियाबाद से आगे मेरठ तक चलाने के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल से मांग की है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने 25 दिसंबर को बागपत लोकसभा क्षेत्र की 28 मांगों को लेकर रेलवे मंत्री को पत्र सौंपा था। इसमें मोदीनगर दैनिक यात्री संघ की मांग पर मेरठ तक ईएमयू चलाने की मांग भी शामिल की गई थी। इस पत्र में सुबह छह बजे गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाली 64437 ईएमयू को मेरठ तक चलाने की मांग की गई है।
यह है ईएमयू और मेमू में अंतर
मेमू के मुकाबले ईएमयू की ऊंचाई अधिक होती है। जिससे ईएमयू के लिए प्लेटफार्म की ऊंचाई अधिक रखनी होती है। वहीं, मेमू में दोनों तरफ इंजन होता है। जबकि ईएमयू में ऐसा नहीं होता है।
मेमू चला सकता है रेलवे
प्लेटफार्म की ऊंचाई कम होने के चलते रेलवे केंद्रीय मंत्री की मांगों पर विचार कर रहा है। रेलवे मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक फरवरी के पहले सप्ताह में मेरठ तक सुबह और शाम के समय मेमू (मेन लाइन मल्टीपल यूनिट) चलाने की तैयारी है। सुबह और शाम के समय मेरठ से दिल्ली के बीच हजारों दैनिक यात्री सफर करते हैं। कई साल पहले इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया था। लेकिन, उसके बाद भी ईएमयू का संचालन अटका हुआ है।
मेरठ तक हो संचालन
ईएमयू यदि नहीं चलती है तो मेमू चलानी चाहिए। आनंद विहार से मेरठ तक मेमू का संचालन शुरू किया गया था, लेकिन वह भी फरवरी तक रद चल रही हैं। वहीं, इसका समय भी दोपहर का है। इसका कोई फायदा नहीं है। -दीपक खुराना, दैनिक यात्री संघ अध्यक्ष
सुपर एक्सप्रेस को मिले दीनदयालु कोच
साल 2016 के बजट में ट्रेनों में दीनदयालु कोच लगाने की घोषणा के दो साल बाद ट्रेनों में सुविधाओं से लैस ये कोच दिखाई देने लगे हैं। हाल ही में नई दिल्ली से जालंधर वाया मेरठ चलने वाली सुपर एक्सप्रेस में दो दीनदयालु कोच लगाए गए हैं। इन सामान्य श्रेणी के कोच में यात्रियों को स्लीपर जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
ट्रेनों में सुविधाओं से लैस दीनदयालु कोच लगाने की घोषणा तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने की थी। बीते दो साल में करीब 700 दीनदयालु कोच का निर्माण किया गया है। दो कोच सुपर एक्सप्रेस के हिस्से में भी आए हैं। अब एक कोच में 72 सीटों के मुकाबले 30 से अधिक मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं। इनमें बायो टॉयलेट बनाए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति शौचालय का प्रयोग कर रहा है तो इसकी जानकारी गेट पर जल रहे इंडीकेटर्स से मिल जाएगी।
ये हैं सुविधाएं
-बॉयो टॉयलेट, टॉयलेट इंडीकेटर्स, पीने के पानी के लिए वाटर फिल्टर
-मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, फायर उपकरण
-स्लीपर कोच की तरह गद्देदार सीट
इस ट्रेन को छह माह तक रद्द कर दिया गया था। इसके बाद दो दीनदयालु कोच लगाकर यात्रियों को लाभ दिया जा रहा है। -आरपी शर्मा, सिटी स्टेशन अधीक्षक
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