यूपी: लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
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मेरठ शहर में नशीला पदार्थ देकर ई-रिक्शा चोरी और लूटने वाले गैंग का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 चोरी हुए ई-रिक्शा बरामद किए। पुलिस ने बताया कि गिरोह अब तक दो दर्जन से अधिक ई-रिक्शा चोरी कर चुका है।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, एसपी सिटी रणविजय सिंह और एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर आरोपी सद्दाम मेवाती, वसीम सिद्दीकी और फैसल को मीडिया के सामने पेश किया। आरोपियों ने बताया कि नौचंदी, सिविल लाइन, लिसाड़ीगेट और लालकुर्ती इलाके से ई रिक्शा चोरी किए है। वह रात में निकलते थे। कोल्डड्रिंक या खाने के सामान में नशीला पदार्थ देकर ई-रिक्शा लूटते थे। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच व नौचंदी इंस्पेक्टर धीरज शुक्ला समेत उनकी टीम ने गढ़ रोड से तीनों आरोपियों को एक ई-रिक्शा में जाते दबोचा। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने घटनाएं करना बताया। उनकी निशानदेही पर एक मकान से चोरी की ई-रिक्शा बरामद की। आरोपियों ने लिसाड़ी रोड स्थित मेडिकल स्टोर के बारे में बताया। जहां से आरोपी नशीला पदार्थ खरीदते थे।
मेडिकल स्टोर संचालक है आरोपी
पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी फैसल मेडिकल स्टोर संचालक है। जोकि आरोपियों को नशे का पदार्थ उपलब्ध कराता था। उसके बाद वारदात में भी शामिल होता था। सद्दाम शातिर है और ई-रिक्शा लूटते समय ड्राइवर के साथ मारपीट भी करता है।
नगर निगम की पर्ची पर दौड़ते हैं ई-रिक्शा
एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया है कि नगर निगम की पर्ची पर ई-रिक्शा दौड़ते है। लोग मजदूरी कर परिवार का पेट पालते है। बरामद ई-रिक्शा पीड़ितों को जल्द दिलवाए जाएंगे। चोरी किए सभी अवैध ई-रिक्शा है। आरटीओ में 4700 ई-रिक्शा का रजिस्टेशन हो चुका है। कई कंपनी नियमानुसार ई-रिक्शा बनाती है। पीली प्लेट पर कॉमशियल नंबर दिया जाता है। ड्राइविंग लाइसेंस धारकों का रजिस्ट्रेशन कराया जाता है।
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