यूपी: ट्रक और बस की जबरदस्त भिड़ंत, दो यात्रियों की मौत, 11 लोग घायल
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मेरठ में इंचौली थाना क्षेत्र के गांव फिटकरी में ट्रक व बस की भिड़ंत में दो यात्रियों की मौत हो गई। सामने से आ रही सेंट्रो कार को बचाने के चक्कर में ट्रक और बस में टक्कर हो गई। इस हादसे में बस और कार सवार 11 लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है।
निजी बस मेरठ से यात्रियों को लेकर बिजनौर जा रही थी। पूर्वाह्न 11:15 बजे बस जैसे ही इंचौली क्षेत्र में गांव फिटकरी में पुल के पास पहुंची तो सामने से एक ट्रक और सेंट्रो कार आ रही थी। सेंट्रो कार ने जैसे ही ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की तो वह बस के सामने आ गई। इस दौरान बस चालक ने कार को बचाने की कोशिश की तो बस ट्रक से जा टकराई। इसकी चपेट में कार भी आ गई। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि बस, ट्रक और कार क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि बस का अगला हिस्सा ट्रक में घुस गया। हादसे के बाद बस और कार में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।
हादसे की सूचना पर एसओ इंचौली मनोज शर्मा, गंगानगर थाना प्रभारी कुलदीप गुनावत, रवि चंद्रवाल, सीओ सदर देहात अखिलेश भदौरिया, एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद बस चालक फरार हो गया। हादसे में बस में सवार किसान सुखपाल यादव (62) पुत्र हरि सिंह निवासी मीवा, थाना मवाना की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि हलवाई देवेंद्र (40) पुत्र वेदप्रकाश निवासी हरिद्वारका कालोनी हापुड़ की मेडिकल अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
घायलों में मीवा मवाना निवासी निसार अहमद, बस परिचालक अय्यूब, देवेंद्र की पत्नी संगीता, सोहराबगेट निवासी असलम, राकेश, गौरव शामिल हैं। वहीं सेंट्रो कार में एक ही परिवार के तीन लोग मासूम अली, आलिद अहरा व तसव्वरा निवासी खितौड़ा, मीरापुर शामिल हैं। एसओ इंचौली का कहना है कि सुखपाल के परिजनों ने आरोपी बस चालक और ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ट्रक व बस चालक का पता नहीं चल सका।
आखिर कब तक जान लेता रहेगा फिटकरी पुल
फिटकरी के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर कहा कि यहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। अंग्रेजी राज में बने इस पुल पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है। दोनों छोर की सड़क चौड़ी है लेकिन पुल संकरा है। रात में यहां पता नहीं चलता और हादसे होते हैं। कोहरे में सबसे ज्यादा हादसे इसी स्थान पर होते हैं। कई बार वाहन गड्ढे में गिर जाते हैं। मंगलवार को भी सेंट्रो कार टक्कर के बाद पुल से नीचे गिरने से बची। रेलिंग न होने की के कारण यदि कार नीचे गिरती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। हादसे के बाद आसपास जा रहे लोगों ने भी अपने वाहन सड़क किनारे रोक दिए और घायलों को बस से बाहर निकाला।
सड़क पर मैली डालने को लेकर हंगामा
इस दौरान मौके पर फिटकरी के ग्रामीणों ने सीओ अखिलेश भदौरिया से कहा कि फिटकरी व सैनी में फैक्ट्रियों की मैली सड़क पर डाल दी जाती है। जिससे वाहनों के ब्रेक नहीं लगते और हादसे होने का डर रहता है। जबकि सूखने के बाद यह मैली राहगीरों की आंखों की किरकिरी बनती है। कई बार इसकी शिकायत भी कर चुके हैं। पुल के पास के स्कूल के कर्मचारियों ने बताया कि मैली की दुर्गंध स्कूल तक आती है जिससे छात्रों को परेशानी होती है।
देवेंद्र के परिजनों का हंगामा
देवेंद्र की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने कहा कि देरी से इलाज मिलने के कारण देवेंद्र की मौत हुई है। नहीं तो उसकी जान बच सकती थी।
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