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एक चिंगारी से दो परिवारों के सपने राख
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एक चिंगारी से दो परिवारों के सपने राख
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के किसानों को कभी बाढ़, कभी बारिश तो कभी आग जैसी आपदाओं का सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को भी ऐसी एक घटना से दो परिवारों के सपने राख हो गए। उनकी 70 बीघे गेहूं की फसल एक चिंगारी से कुछ ही देर में स्वाहा हो गई। अगर विद्युत विभाग के अधिकारी पहले ही मामले पर संज्ञान ले लेते तो किसानों का इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
क्षेत्र के गांव रठौरा कला निवासी किसान गुरुजोग सिंह ने बताया कि कई वर्षों से क्षेत्र में आई बाढ़ से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती चली गई। जैसे तैसे पैसा जमाकर गांव के पास 25 बीघा जमीन को छह हजार रुपये के हिसाब से ठेके पर लिया था। बीते साल बेमौसम बरसात से फसल नष्ट हो गई। इस बार गेहूं की बंपर फसल पैदा हुई। उम्मीद थी कि बीते साल के नुकसान की भरपाई हो जाएगी।
वहीं दूसरे किसान सरदार इंदर सिंह ने कहा कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण हादसे हो रहे हैं। क्षेत्र में प्रति वर्ष गेहूं की कटाई के समय विद्युत आपूर्ति दिन में बंद कर दी जाती है। इस बार लिखित में देने के बाद भी आपूर्ति बंद नहीं की गई। इस कारण आग लगी। गेहूं की फसल जलने से लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हो गया है। हादसे के बाद से उनका पूरा परिवार टूट गया है।
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दिन में बंद रहेगी खादर में विद्युत आपूर्ति
क्षेत्र के किसानों ने दिन में विद्युत आपूर्ति बंद करने की मांग प्रशासनिक अधिकारी और विद्युत विभाग के अधिकारियों से की है। इसके बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने किसानों की मांग को मंजूर करते हुए 15 दिनों तक विद्युत आपूर्ति दिन में सुचारु नहीं करने की बात कही है।
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हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के किसानों को कभी बाढ़, कभी बारिश तो कभी आग जैसी आपदाओं का सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को भी ऐसी एक घटना से दो परिवारों के सपने राख हो गए। उनकी 70 बीघे गेहूं की फसल एक चिंगारी से कुछ ही देर में स्वाहा हो गई। अगर विद्युत विभाग के अधिकारी पहले ही मामले पर संज्ञान ले लेते तो किसानों का इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
क्षेत्र के गांव रठौरा कला निवासी किसान गुरुजोग सिंह ने बताया कि कई वर्षों से क्षेत्र में आई बाढ़ से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती चली गई। जैसे तैसे पैसा जमाकर गांव के पास 25 बीघा जमीन को छह हजार रुपये के हिसाब से ठेके पर लिया था। बीते साल बेमौसम बरसात से फसल नष्ट हो गई। इस बार गेहूं की बंपर फसल पैदा हुई। उम्मीद थी कि बीते साल के नुकसान की भरपाई हो जाएगी।
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वहीं दूसरे किसान सरदार इंदर सिंह ने कहा कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण हादसे हो रहे हैं। क्षेत्र में प्रति वर्ष गेहूं की कटाई के समय विद्युत आपूर्ति दिन में बंद कर दी जाती है। इस बार लिखित में देने के बाद भी आपूर्ति बंद नहीं की गई। इस कारण आग लगी। गेहूं की फसल जलने से लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हो गया है। हादसे के बाद से उनका पूरा परिवार टूट गया है।
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दिन में बंद रहेगी खादर में विद्युत आपूर्ति
क्षेत्र के किसानों ने दिन में विद्युत आपूर्ति बंद करने की मांग प्रशासनिक अधिकारी और विद्युत विभाग के अधिकारियों से की है। इसके बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने किसानों की मांग को मंजूर करते हुए 15 दिनों तक विद्युत आपूर्ति दिन में सुचारु नहीं करने की बात कही है।