जेल में दो कैदियों ने शरीर में ऐसी जगह छिपाए चरस-मोबाइल, रात भर दर्द से तड़पे, मरने के डर से उगला सच
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सुबह हालत बिगड़ने पर इलाज करया गया। इसके बाद शौच के साथ जब चरस और मोबाइल बाहर निकले तो उनको राहत मिली। जेल अधीक्षक ने एसपी बागपत को बंदियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
मुन्ना बजरंगी के जेल में हत्या होने के बाद से बागपत जिला जेल चर्चित जेल बनी हुई है। सोमवार की रात में जेल में बंद दो बंदियों ने नया कारनामा कर डाला। सोमवार को कोर्ट में पेशी पर गए दो बंदी वापसी में चरस की बत्तियां व मोबाइल अपने गुप्तांग में छिपाकर ले आए, लेकिन जेल आकर उनकी हालत खराब हो गई। मरने के डर से उन्होंने सच उगल दिया और सारी बात बताते हुए मोबाइल और चरस की बत्तियां कोर्ट में परिचित से लेनी की बात बताई।
सुनते ही जेल प्रशासन हरकत में आ गया और तुरंत ही दोनों बंदियों का इलाज शुरू कराया। रात में ही एक बंदी की चरस तो निकल गई, लेकिन दूसरे बंदी के अंदर से मोबाइल नहीं निकल सका और वह दर्द से रात्रि भर चिल्लाता रहा।
आखिरकार सुबह शौच के दौरान बंदी के गुप्तांग से मोबाइल निकल गया और बंदी ने मोबाइल जेल अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने दोनों बंदियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक बागपत को पत्र भेजा है।