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जनवरी -2023 में मेरठ में तैयार हो जाएगी 5.8 किमी टनल

Mon, 12 Jul 2021 02:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 02:12 AM IST
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tunnel will prepare in january 2023
जनवरी 2023 में मेरठ में तैयार हो जाएगी 5.8 किमी टनल
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मेरठ। मेरठ में तीन भूमिगत स्टेशनों के बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस कार्य का पूरा खाका राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने तैयार किया है। टाइमलाइन बना ली गई है। जिससे 5.8 किमी के तीन स्टेशनों का कार्य समय से पूरा किया जा सके।
शनिवार को मेरठ पहुंचे केंद्रीय शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने भूमिगत स्टेशन पर होने वाले कार्यों की जानकारी भी ली थी। जिसमें उन्होंने खासतौर पर समय का ध्यान रखते हुए कार्य करने के निर्देश एनसीआरटीसी अधिकारियों को दिए। इसके लिए चार टनल बोरिंग मशीन एक साथ कार्य करते हुए तीन भूमिगत स्टेशन तैयार करेंगी। भैसाली भूमिगत स्टेशन का बेस अक्तूबर-2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। भूमिगत स्टेशनों का कार्य टॉप से बेस की तरफ किया जाता है।
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वहीं, भूमिगत स्टेशन के इस बीच में एक वेंटीलेंशन सॉफ्ट भी बनाई गई है। किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए इस वेंटीलेशन सॉफ्ट का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए केसरगंज का स्थान आरक्षित किया गया है। इसके अलावा मेरठ सेंट्रल और बेगमपुल पर भी एक साथ कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसमें मेरठ सेंट्रल और भैसाली स्टेशन मेरठ मेट्रो स्टेशन हैं। वहीं, बेगमपुल स्टेशन रैपिड रेल का स्टेशन है। मेरठ सेंट्रल और भैंसाली स्टेशन पर रैपिड रेल नहीं रुकेगी।
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ऐसे बनेगी टनल
सबसे पहले जीरो माइल से टनल का कार्य शुरू किया जाएगा। बेगमपुल स्टेशन तक का कार्य 9 जुुलाई 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, भैसाली स्टेशन से मेरठ सेंट्रल यानि मेट्रो प्लाजा से दिल्ली रोड की तरफ भूमिगत कार्य सितंबर-2022 तक पूरा होगा। सबसे अंत में भैसाली स्टेशन से बेगमपुल स्टेशन का कार्य जनवरी-2023 में पूरा होगा।

ढाई लाख मीट्रिक टन सीमेंट हो चुका खर्च
शनिवार को निरीक्षण करके गए केंद्रीय सचिव दुर्गा शंकर मिश्र प्रोजेक्ट की गति देखकर काफी खुश हुए। उन्होंने रविवार को अपने ट्विटर एकाउंट से कई ट्वीट कर प्रोजेक्ट की जानकारी दी। जिससे देश-विदेश के लोग देश के पहले रैपिड रेल कॉरिडोर की खूबियों को जान सकें। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी रैपिड रेल की वजह से अर्थव्यवस्था को बूस्टर डोज मिली है। इस प्रोजेक्ट में अभी तक 2.5 मीट्रिक टन सीमेंट और एक लाख मीट्रिक टन स्टील का उपयोग हो चुका है। वहीं, 10 हजार श्रमिक और 1100 इंजीनियर कार्य कर रहे हैं। वहीं, उन्होंने एक बार फिर ट्वीट के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि आजादी के 75वें वर्ष पर वर्ष-2022 में रैपिड रेल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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