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Meerut News: सरकारी अस्पतालों में बढ़ा होम्योपैथी का भरोसा, ओपीडी में 16 हजार से अधिक मरीज

Fri, 10 Apr 2026 02:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:58 AM IST
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Trust in Homeopathy Rises in Government Hospitals: Over 16,000 Patients in OPDs
मेरठ। मेरठ में इलाज की सोच बदल रही है। जहां कभी सीमित मरीज ही होम्योपैथी की ओर रुख करते थे, वहीं अब हजारों लोग इस पद्धति पर भरोसा जता रहे हैं। बिना साइड इफेक्ट के जड़ से बीमारी खत्म करने की उम्मीद ने सरकारी अस्पतालों की होम्योपैथी ओपीडी को नई रफ्तार दे दी है। आंकड़े इसकी गवाही भी दे रहे हैं। तीन साल पहले तक जिला अस्पताल और सीएचसी मिलाकर मासिक ओपीडी करीब 11 से 12 हजार मरीजों तक सीमित थी। अब यह संख्या बढ़कर 16 से 17 हजार के पार पहुंच गई है।
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वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. राजेंद्र सिंह बताते हैं कि लोग ऐसी चिकित्सा को प्राथमिकता दे रहे हैं जो शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव न डाले। 10 अप्रैल को इसके जनक डॉ. फ्रेडरिक सैमुअल हैनीमैन की जयंती पर विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जाता है। सीएमओ डॉ अशोक कटारिया ने बताया कि यूनानी शब्दों होमो (समान) और पैथोस (दुख) से मिलकर बनी इस पद्धति से मेरठ के मवाना, खरखौदा, भावनपुर, माछरा, किठौर और किला परीक्षितगढ़ जैसे स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीज इलाज करा रहे हैं। जिला होम्योपैथिक विभाग के अधीन 12 डिस्पेंसरी चल रही हैं। वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. विवेक कुमार ने कहा कि इस चिकित्सा पद्धति में जटिल रोगों का बेहतर इलाज संभव है। इससे रोगियों को बड़े स्तर पर राहत मिल रही है।
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गंभीर बीमारियों में भी कारगर

होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजनीश भारद्वाज ने बताया कि यह एक प्राकृतिक और शोध-आधारित विज्ञान है जो असाध्य रोगों को जड़ से मिटाने में सक्षम है। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार (आयुष विभाग) ने बताया कि यह महज भ्रम है कि यह दवा देरी से असर करती है। वास्तव में यह सीधे बीमारी के मूल कारण पर वार करती है। पथरी, गठिया, पीलिया, मानसिक रोग, स्त्री रोग और बच्चों के पेट संबंधी रोगों में इसके सटीक परिणाम मिल रहे हैं।
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दवा सेवन के जरूरी नियम

- होम्योपैथी दवा का असर मरीज के अनुशासन पर भी निर्भर करता है।

- स्पर्श से बचें: गोलियों को कभी भी हाथ की हथेली पर न रखें, ढक्कन से ही लें।



- तापमान का ध्यान: दवाओं को हमेशा ठंडी और छांव वाली जगह पर रखें।

- समय का अंतराल: दवा लेने के 30 मिनट पहले और बाद तक कुछ भी न खाएं।



- मिश्रण न करें: बिना चिकित्सकीय सलाह के होम्योपैथी को अन्य दवाओं के साथ न मिलाएं।
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