तीन तलाक का ‘कहर’, एक दिन में सामने आए पांच मामले, मेरठ में पति की शादी रुकवाने पहुंची पीड़िता
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बुधवार शाम मेरठ में तीन तलाक पीड़िता पति की दूसरी शादी रुकवाने नौचंदी थाने जा पहुंची। उसने बताया कि गलत तरीके से झूठे साक्ष्य तैयार कर उसे उसके पति व बच्चों से अलग किया जा रहा है।
महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी साल 2014 में हुई थी। एक बेटी और एक बेटा है। उसके बाद ऐसा विवाद हुआ कि नौबत तीन तलाक तक आ गई। 17 जून को ससुराल वालों ने पंचायत बुलाकर तीन तलाक दिला दिया। उसे मायके वालों ने भी रखने से इंकार कर दिया। फिलहाल वह दिल्ली में रिश्तेदार के यहां रह रही है।
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महिला का दावा है कि उसका पति उसके साथ रहना चाहता है। लेकिन ससुराल वाले उनकी दूसरी शादी कराने पर आमादा हैं। गुरूवार को भी यह मामला दिन भर चर्चा में रहा। आयशा के तलाक का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
आयशा ने पंचायत पर दबाव बनाकर उससे शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया है। आयशा ने पति, जेठ, पंचायत के तीन प्रमुख पंच, राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली है।
बेटियां पैदा होने पर दो महिलाओं को दिया तलाक
दो महिलाओं को बेटियां पैदा होने पर ससुरालियों ने सताया और पति ने तलाक देकर घर से निकाल दिया। अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाएं बुधवार को एसएसपी ऑफिस पहुंची और अपनी व्यथा बताई। एसएसपी ने दोनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भावनपुर थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर निवासी युवती की शादी चार साल पहले लिसाड़ीगेट के श्यामनगर निवासी युवक से हुई थी। युवती ने बेटी को जन्म दिया तो ससुरालियों का व्यवहार उसके प्रति खराब हो गया। जब दूसरी बेटी जन्मी, तो ससुराल वाले बुरी तरह प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि मायके से रुपये लाने तक का दबाव बनाया गया। इसके बाद पति ने भी उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। थाने पहुंची तो पुलिस ने तहरीर ले ली लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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दूसरे मामले में, सरधना थाना क्षेत्र के गांव पिठलोकर निवासी युवती की शादी 2016 में मुजफ्फरनगर के गांव खोखनी निवासी युवक से हुई थी। ससुरालिए शादी में दिए दहेज से खुश नहीं थे। उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। दो बेटियों के पैदा होने के बाद तो अत्याचार बढ़ गया। तीन सितंबर को पति और ससुराल वालों ने उसे पीटा। पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।
आरोप है कि पति के किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध हैं। वह उस महिला को घर लाना चाहता है, इसलिए उसे निकाल दिया। वहीं इस संबंध में एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि दोनों महिलाओं की बात सुन ली है। भावनपुर और सरधना थाना पुलिस को जांच और कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। महिलाओं को इंसाफ दिलाया जाएगा।
पहले पीटा, फिर दिया तीन तलाक
नौचंदी थानाक्षेत्र के जैदी फार्म निवासी शाहनवाज का निकाह चार साल पहले तरन्नुम निवासी विजयनगर गाजियाबाद से हुआ था। तरन्नुम का आरोप है कि शाहनवाज और उसके परिवार वालों ने बुधवार को उसके साथ मारपीट की। तीन तलाक देकर घर से भगा दिया। इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मां का तलाक, बेटी मांग रही इंसाफ
लिसाड़ीगेट के समर गार्डन में तलाकशुदा महिला अपनी बेटी के साथ रहती है। बेटी बीए की पढ़ाई कर रही है। बेटी अपनी पढ़ाई के लिए पिता से भत्ता दिलाने की मांग कर रही है। पुलिस ने बताया है कि 19 साल पहले दंपती में तलाक हुआ था।
पिता ने 50 लाख का मकान बेचा है, जिसमें बेटी हिस्सा चाहती है। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि छात्रा आई थी। उसके पिता की तलाश में पुलिस कई जगह गई, लेकिन वह नहीं मिला। बच्ची के शिकायती पत्र पर कार्रवाई होगी।