पश्चिम यूपी में जेल से मोबाइल फोन, वाईफाई और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए जरायम का नेटवर्क चल रहा है। इसका खुलासा हाल में कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम और आईजी रेंज आलोक सिंह द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद हुआ।
जेल में गड्ढे में दबे मिले वाई-फाई राउटर, दस मोबाइल फोन थे कनेक्ट, बीमारी के बहाने कैदियों की मौज
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बड़ा सवाल है कि यह सब इलेक्ट्रानिक सामान जेल में कैसे पहुंचा और कौन-कौन से बंदी इनका इस्तेमाल कर रहे थे। बरामद चिप और अन्य इलेक्ट्रानिक्स सामान की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
इससे पता चल सके कि इन सामान का कितने समय से और कहां-कहां प्रयोग किया गया है। दोनों अधिकारियों ने अपनी संयुक्त जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। वहीं, जेल में खाने की क्वालिटी भी खराब मिली है।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि जेल के अस्पताल में मामूली बीमार कैदियों को भी भर्ती कर लिया गया। जिला जज की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग सेल की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग की संख्या बढ़ाए जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा, अभी तक यहां सिर्फ 20-21 तक ही कांफ्रेंस कराई जा रही हैं।
वाईफाई मॉडम, पेन ड्राइव की होगी फोरेंसिक जांच
कमिश्नर और आईजी की छापामारी के दौरान बागपत जेल में बरामद हुए मोबाइल, वाईफाई मॉडम, पेन ड्राइव और चिप की फोरेंसिक जांच होगी। दोनों आला अधिकारियों ने इसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।