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गुदड़ी बाजार का तिहरा हत्याकांड : 1258 तारीखें और 39 लोगों की गवाही, एक साल से रोज हो रही थी सुनवाई
Mon, 05 Aug 2024 10:55 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 05 Aug 2024 10:55 PM IST
सार
हत्यारों को सजा मिलने में 16 साल दो महीने और 12 दिन लग गए। इस मुकदमे में 1258 तारीखें लगीं। 39 लोगों की गवाही हुई। सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर मुकदमे की सुनवाई एक साल से रोजाना हो रही थी।
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फैसले के बाद जेल जाते हत्यारे।
- फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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22 अगस्त 2008 को कोतवाली पुलिस ने तिहरे हत्याकांड में 14 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो गई। अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुकदमे में रोजाना सुनवाई करने के आदेश दिए। दस जुलाई 2024 तक तक लगातार हर रोज सुनवाई हुई। इससे पहले इजलाल और दूसरे आरोपियों की तरफ की हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई गई, लेकिन प्रार्थना पत्र खारिज हुआ। 14 साल तक सभी को जेल में रहना पड़ा। 2023 में इजलाल पक्ष की तरफ से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी लगाई, 14 साल जेल में रहने के चलते जमानत मिल गई थी। सभी नौ आरोपी तब से बाहर थे।
हत्यारी शीबा सिरोही को ले जाती पुलिस।
- फोटो : Amar ujala
दो मुकदमे हुए थे दर्ज, शीबा को अलग मुकदमे में मिली सजा
तिहरे हत्याकांड में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। शीबा सिरोही के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इजलाल के मुकदमे में 27 गवाह और शीबा के मुकदमे में 12 गवाह पेश किए गए।
तिहरे हत्याकांड में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। शीबा सिरोही के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इजलाल के मुकदमे में 27 गवाह और शीबा के मुकदमे में 12 गवाह पेश किए गए।