सावधान: भूलकर भी मत करना ऐसी गलती, नहीं तो लग जाएगा करोड़ों का चूना
लालच में आकर कभी ऐसी गलती मत कर देना, नहीं तो करोड़ों का चूना लग जाएगा। इन शातिरों ने पहले शेयर ब्रोकिंग की फर्जी कंपनी बनाई और फिर छह करोड़ रुपए ठग लिए। कई शहरों में नेटवर्क फैला है।
वेस्ट यूपी में शेयर ब्रोकिंग की फर्जी कंपनी बनाकर छह करोड़ की ठगी होने का मामला साइबर सेल तक पहुंच गया। पीड़ित लोगों ने इसकी शिकायत दी। जिसमें जानकारी मिली है कि नामजद दो आरोपी 80 लाख की ठगी में तीन दिन पहले नौचंदी पुलिस ने जेल भेजे हैं। साइबर सेल मामले की जांच करने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक सुनील कुमार रूहेला निवासी पंत विहार सहारनपुर, संजय सैनी निवासी साउथ सिविल लाइन मुजफ्फरनगर, अरविंद शर्मा निवासी शाहपुर मुजफ्फरनगर व सुधीर कुमार निवासी शिवपुरी शामली मंगलवार को साइबर सेल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि अमित गुप्ता, सचिन अग्रवाल और देवेंद्र निवासी प्रीत विहार नौचंदी ने शेयर ब्रोकिंग में पैसा लगवाकर करीब छह करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने बताया कि अमित गुप्ता और सचिन अग्रवाल को तीन दिन पहले नौचंदी पुलिस जेल भेज चुकी है। आरोपियों का नेटवर्क वेस्ट यूपी के कई जनपदों में फैला हुआ है। नई फर्म बनाकर लोगों को जोड़ते हैं और फिर करोड़ों की ठगी करके फरार हो जाते हैं। सन 2014 से आरोपियों का यह धंधा चल रहा है।
बर्बाद हो गए, घर बिक गया
सुनील कुमार ने बताया कि उसका रियल स्टेट का कारोबार था। शेयर बाजार में पैसा कमाने के लालच में इन आरोपियों के चंगुल में ऐसा फंसा कि बर्बाद हो गया। घर तक बिक चुका है। ऐसा ही हाल अन्य पीड़ित लोगों ने बताया। एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि इस मामले की जांच पहले से चल रही है। पुलिस दो आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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ऐसे फंसाते हैं अपने जाल में ठग
पीड़ित सुनील कुमार ने बताया कि साल 2014 अक्तूबर में आरोपियों ने उनसे संपर्क किया था। प्रगति वेल ट्रेड कंपनी बनाकर शेयर ब्रोकिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरूआती दौर में थोड़ा पैसा कमाकर दिया। उसके बाद उनको शेयर बाजार में मोटा पैसा लगाने की बात कही। उन्होंने आनाकानी की तो उन्होंने साईं कृपा के नाम से कंपनी बना दी। जिसमें सुनील कुमार, संजय, सुधीर व अरविंद को डायरेक्टर बनाया। उसके बाद आरोपियों ने कलकत्ता की बीएमए कंपनी से पार्टनरशिप होने की बात कही। चारों डायरेक्टरों ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली और मेरठ में बड़ा नेटवर्क बनाया। जो पैसा कंपनी में आता, वह सीधा बीएमए में ट्रांसफर हो जाता था। वहां से वह सेटिंग कर आरोपी पैसा निकाल लेते थे।
पहले भी आए केस सामने
शहर में शेयर मार्केट और एमसीएक्स में पैसा लगाने के नाम पर कई लोग बर्बाद हो चुके हैं। शहर में शारदा रोड ब्रह्मपुरी, मेडिकल में शास्त्रीनगर, सदर, आबूलेन, लालकुर्ती आदि जगहों पर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर कई लोगों को जोड़कर करोड़ों रुपये की ठगी की चुकी है।
दो साल से आरोपी को ढूंढ रहे, अब जाकर मिला
पीड़ितों ने बताया कि साल 2016 में उनको आरोपियों पर शक हो गया था। वह अपना पैसा वापस मांगने लगे थे। पहले आरोपियों ने उनको इधर उधर की बात कही और फिर गायब हो गए। आरोपियों का वेस्ट यूपी के अलावा दूसरे राज्यों में भी नेटवर्क फैला हुआ है। एक सप्ताह पहले आरोपियों को पता चला था कि नौचंदी थाने में ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। जिसके बाद सभी पीड़ित आपस में मिले और मेरठ में आए।
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