फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut News: Treat epilepsy, do not fall into witchcraft

राष्ट्रीय मिर्गी दिवस आज: मिर्गी का इलाज कराएं, जादू-टोने में न पड़ें, रखें ये ध्यान

Tue, 17 Nov 2020 01:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 17 Nov 2020 01:26 AM IST
विज्ञापन
Meerut News: Treat epilepsy, do not fall into witchcraft
मिर्गी - फोटो : free pick

मिर्गी बीमारी है। यह समय पर इलाज न होने पर घातक रूप ले सकती है। घबराएं नहीं, इसका इलाज संभव है। इसे जादू टोना और भूत प्रेत का प्रकोप न समझें। इसके प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से हर साल 17 नवंबर को राष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जाता है।

विज्ञापन


कोरोना के चलते मेडिकल की ओपीडी में अब हर माह करीब डेढ़ सौ मरीज आ रहे हैं। यहां पिछले साल 11 हजार से ज्यादा मरीज आए थे। वहीं, जिला अस्पताल की ओपीडी में हर माह करीब सौ मरीज आ रहे हैं। पिछले साल इनकी संख्या दो हजार से अधिक थी। यह बीमारी जागरूकता के अभाव में बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन


दो तरह की होती है मिर्गी
आंशिक मिर्गी में दिमाग के एक भाग में दौरा पड़ता है और व्यापक मिर्गी में दिमाग के पूरे भाग में दौरा पड़ता है। चिकित्सक को दिखाने के बाद ही मिर्गी की दवा शुरू करनी चाहिए। सिर्फ 10 से 20 फीसदी मरीजों को ही ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। ब्रेन ट्यूमर और ब्रेन हैमरेज से भी मिर्गी होने का खतरा रहता है। मस्तिष्क में आठ बिलियन न्यूरॉन होते हैं। इनमें इलेक्ट्रिसिटी पैदा होती है। इलेक्ट्रिसिटी का प्रभाव बाहर न निकले। इसके लिए हर न्यूरॉन के चारों ओर माइलिन शीट होती है। मिर्गी के रोगियों में कुछेक न्यूरॉन की माइलिन शीट टूट जाती है, यह आनुवांशिक भी होती है और जन्म लेने के दौरान या सिर में चोट लगने से भी। जिससे करंट बाहर आकर अन्य न्यूरॉन को झटके देता है। मिर्गी का पता ईईजी, एमआरआई और सिटी स्कैन जांच से चलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस स्टडी-1
जागृति विहार निवासी युवती को मिर्गी के दौरे पड़ते थे। परिजन ऊपरी हवा का प्रभाव समझकर झाड़ फूंक कराते रहे। बाद में किसी की सलाह पर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मानसिक रोग विभाग में दिखाया तो पता चला मिर्गी रोग है। वह उपचार के बाद अब स्वस्थ है।

केस स्टडी-2
घंटाघर क्षेत्र निवासी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ता था। वह जादू टोना समझकर, तंत्र मंत्र कराने लगा परंतु स्वस्थ नहीं हुआ। जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग के चिकित्सकों ने मिर्गी का उपचार शुरू किया। अब काफी बेहतर है।

यह भी पढ़ें: भाजपा नेता से अभद्रता करने के मामले में इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, विधायक संगीत सोम ने एसएसपी से की बात

निरंतर कराना पड़ता है इलाज
मिर्गी की दवा सरकारी अस्पतालों में निशुल्क मिलती हैं। इसका इलाज निरंतर कराना पड़ता है। यदि व्यक्ति एक समय की भी दवा छोड़ देता है तो दौरा पड़ने का खतरा रहता है। अगर व्यक्ति को तीन साल तक दौरा न पड़े और जांच नॉर्मल हो तो दवा बंद कर देनी चाहिए। - डॉ. तरुण पाल, मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज

मरीज को अस्पताल ले जाएं
मिर्गी के 90 फीसदी दौरे 2 मिनट के होते हैं। दौरा 5 मिनट से ज्यादा का है तो नाक के जरिए दवा दी जाती है। मुंह के जरिए कुछ भी नहीं देना चाहिए। 5 मिनट से ज्यादा के दौरे की स्थिति में मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए। - डॉ. कमलेंद्र किशोर, मानसिक रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल

यह रखें ध्यान
- मिर्गी के रोगियों को चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवा लेनी चाहिए।
- पर्याप्त व्यायाम, स्वस्थ आहार का ध्यान रख पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
- परिवार में कोई मिर्गी रोगी है तो उसके दौरे की अवधि देखना जरूरी है।
- गंभीर स्थिति या ज्यादा अवधि के दौरे पर ही रोगी को अस्पताल में दिखाना चाहिए।
- मिर्गी आने पर मरीज को जमीन पर या समतल स्थान पर करवट से लिटा दें या उसकी गर्दन एक ओर मोड़ दें, ताकि मुंह में जमा लार और झाग बाहर निकल जाएं।
- मरीज के पास से फर्नीचर, तेज, नुकीली, चुभने वाली या धारदार वस्तुएं हटा दें।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed