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सीबीआई का अधिकारी बताकर युवाओं को ठगने वाला धरा
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मेरठ। सीबीआई का अधिकारी बताकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाला आरोपी पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी से 70 हजार रुपये, एक दर्जन मार्कशीट व अन्य सामान बरामद किया है।
एसओ सदर बाजार दिनेश चंद ने बताया कि मामले में अरुण बालियान ने शिकायत की थी। आरोप है कि निक्की ढिल्लन निवासी छिलोरा भावनपुर ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ले लिए। उसके साथ उसका दोस्त रवि निवासी यूरोपियन स्टेट कॉलोनी कंकरखेड़ा भी शामिल है। सदर बाजार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और इसकी छानबीन शुरू कर दी। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर सदर बाजार पुलिस ने आरोपी निक्की ढिल्लन को सदर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसने सीबीआई का फर्जी कार्ड भी बनवाया हुआ था। पुलिस अभी उसकी कुंडली खंगालने में जुटी है। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस ने निक्की के दोस्त रवि की तलाश में दबिश दी है, लेकिन वह नहीं मिला है।
नियुक्ति पत्र तक दिलवा देता था निक्की
नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाला निक्की सीबीआई में ज्वाइन कराने के नाम का नियुक्ति पत्र तक अभ्यर्थी को दिलवा देता था। छह महीने तक अभ्यर्थी को पता नहीं चलता था कि उसकी नौकरी लगी है या नहीं। बताया जा रहा कि निक्की के साथ उसके गैंग में रवि के साथ अन्य कई लोग भी है। जिनको पता लगाने के लिए पुलिस लगी है।
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एसओ सदर बाजार दिनेश चंद ने बताया कि मामले में अरुण बालियान ने शिकायत की थी। आरोप है कि निक्की ढिल्लन निवासी छिलोरा भावनपुर ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ले लिए। उसके साथ उसका दोस्त रवि निवासी यूरोपियन स्टेट कॉलोनी कंकरखेड़ा भी शामिल है। सदर बाजार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया और इसकी छानबीन शुरू कर दी। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर सदर बाजार पुलिस ने आरोपी निक्की ढिल्लन को सदर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसने सीबीआई का फर्जी कार्ड भी बनवाया हुआ था। पुलिस अभी उसकी कुंडली खंगालने में जुटी है। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि पुलिस ने निक्की के दोस्त रवि की तलाश में दबिश दी है, लेकिन वह नहीं मिला है।
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नियुक्ति पत्र तक दिलवा देता था निक्की
नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाला निक्की सीबीआई में ज्वाइन कराने के नाम का नियुक्ति पत्र तक अभ्यर्थी को दिलवा देता था। छह महीने तक अभ्यर्थी को पता नहीं चलता था कि उसकी नौकरी लगी है या नहीं। बताया जा रहा कि निक्की के साथ उसके गैंग में रवि के साथ अन्य कई लोग भी है। जिनको पता लगाने के लिए पुलिस लगी है।
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