{"_id":"5edaa6608ebc3e903a579337","slug":"traffic-soldiers-complain-to-sp-for-not-getting-food-meerut-news-mrt485046289","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैफिक सिपाहियों ने खाना न मिलने पर की एसपी से शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैफिक सिपाहियों ने खाना न मिलने पर की एसपी से शिकायत
विज्ञापन
ट्रैफिक सिपाहियों ने खाना न मिलने पर की एसपी से शिकायत
मेरठ। लॉकडाउन में समय से खाना नहीं मिलने पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने एसपी ट्रैफिक से शिकायत की है। सिपाहियों ने कहा कि पुलिस लाइन में मेस में खाने की समय पर व्यवस्था नहीं है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई जा रही है। उनके सामने समस्या है कि वह दूसरे जिलों के रहने वाले हैं और यहां उनके परिवार नहीं रह रहे हैं और न ही खाना खाने की अन्य कोई व्यवस्था शहर में है। उन्होंने एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
ट्रैफिक पुलिस में सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक शिफ्ट है, जबकि दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक दूसरी शिफ्ट है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों का कहना है कि ट्रैफिक के लिए न कोई मेस है और न ही खाना खाने की अन्य कोई व्यवस्था है। पुलिस लाइन की मेस सुबह 8 बजे चलती है। 8 बजे मेस में न पहुंचने पर दिनभर खाना नहीं मिलता। उसके बाद पुलिस लाइन की मेस में रात में खाना मिलता है। शुक्रवार को ट्रैफिक के सात सिपाही एसपी ट्रैफिक के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा ट्रैफिक पुलिस के लिए खाना खाने की व्यवस्था नहीं है। दो मिनट लेट होने पर भी मेस के एक टीआई अभद्रता से बात करते हैं। पिछले तीन दिन में टीआई ने चार महिला कांस्टेबल समेत 13 लोगों के खिलाफ गैर हाजिरी की रिपोर्ट लिखा दी। ऑफिस में तैनात ड्यूटी मुंशी से भी टीआई ने गलत व्यवहार किया। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेई का कहना है कि कुछ सिपाहियों ने अपनी अलग-अलग समस्याएं रखी हैं। उनका समाधान कराया जा रहा है।
विज्ञापन
मेरठ। लॉकडाउन में समय से खाना नहीं मिलने पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने एसपी ट्रैफिक से शिकायत की है। सिपाहियों ने कहा कि पुलिस लाइन में मेस में खाने की समय पर व्यवस्था नहीं है। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई जा रही है। उनके सामने समस्या है कि वह दूसरे जिलों के रहने वाले हैं और यहां उनके परिवार नहीं रह रहे हैं और न ही खाना खाने की अन्य कोई व्यवस्था शहर में है। उन्होंने एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
ट्रैफिक पुलिस में सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक शिफ्ट है, जबकि दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक दूसरी शिफ्ट है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों का कहना है कि ट्रैफिक के लिए न कोई मेस है और न ही खाना खाने की अन्य कोई व्यवस्था है। पुलिस लाइन की मेस सुबह 8 बजे चलती है। 8 बजे मेस में न पहुंचने पर दिनभर खाना नहीं मिलता। उसके बाद पुलिस लाइन की मेस में रात में खाना मिलता है। शुक्रवार को ट्रैफिक के सात सिपाही एसपी ट्रैफिक के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा ट्रैफिक पुलिस के लिए खाना खाने की व्यवस्था नहीं है। दो मिनट लेट होने पर भी मेस के एक टीआई अभद्रता से बात करते हैं। पिछले तीन दिन में टीआई ने चार महिला कांस्टेबल समेत 13 लोगों के खिलाफ गैर हाजिरी की रिपोर्ट लिखा दी। ऑफिस में तैनात ड्यूटी मुंशी से भी टीआई ने गलत व्यवहार किया। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेई का कहना है कि कुछ सिपाहियों ने अपनी अलग-अलग समस्याएं रखी हैं। उनका समाधान कराया जा रहा है।
विज्ञापन