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मंडी शुल्क वसूली के विरोध में उतरे व्यापारी, आज जिलाधिकारी के मार्फत शासन को भेजेंगे मांगपत्र
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मंडी शुल्क वसूली के विरोध में उतरे व्यापारी, आज जिलाधिकारी के मार्फत शासन को भेजेंगे मांगपत्र
मेरठ। कोरोना महामारी के बीच सरकार द्वारा लिए गए मंडी शुल्क संबंधी निर्णय का व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। नवीन मंडी व्यापारियों के साथ शहर के सभी व्यापार संघ और गल्ला मंडी व्यापारी अब मंडी शुल्क को पूर्ण रूप से खत्म करने की मांग कर रहे हैं। मंडी के बाहर शुल्क खत्म करने से व्यापारियों को फायदा कम नुकसान ज्यादा हो रहा है। इसका सीधा फायदा मल्टी नेशनल कंपनियों को मिल रहा है। सोमवार को व्यापारी जिलाधिकारी की मार्फत शासन को मांगपत्र भेजकर इस संबंध में अवगत कराएंगे। साथ ही मंडी के अंदर और बाहर समानता के अधिकार की मांग करेंगे।
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता नटराज ने कहा कि व्यापारियों को समानता का अधिकार मिलना चाहिए। मंडी व्यापारियों के साथ पक्षपात पूर्ण कार्य किया गया है। सभी व्यापारियों के साथ बैठक कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सरकार के निर्णय के बाद छोटे व्यापारियों का अस्तित्व बचाना मुश्किल हो गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष पंडित आशु शर्मा ने कहा कि सरकार सिर्फ मॉल कल्चर और मल्टीनेशनल स्टोर संचालकों को लाभ पहुंचाने में लगी है। कोरोना महामारी में खुदरा व्यापारियों को लाभ देने के स्थान पर धोखा दिया है। इस संबंध में सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को मांगपत्र भेजा जाएगा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय महामंत्री लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि निर्णय आने के बाद व्यापारियों में जागरूकता लाने का कार्य आरंभ कर दिया गया था। अब जल्द ही इस पर प्रदेश के सभी व्यापारिक संगठन एकजुट होकर कार्य करेंगे। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष एवं व्यापारी नवीन गुप्ता ने कहा कि संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सोमवार को आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
उद्योग घरानों के लिए बनाई जाती हैं नीति
पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष पंडित आशु शर्मा ने कहा कि सरकार की नीति बड़े उद्योग घरानों तक ही सीमित रहती हैं। अब फेसबुक और रिलायंस टाईअप कर देश के प्रत्येक शहर और कस्बे में किराना स्टोर खोलने की तैयारी में हैं। सरकार की नई नीतियों का लाभ लेकर ये उद्योगपति जहां 2.5 फीसदी मंडी शुल्क से बच जाएंगे, वहीं, असीमित स्टॉक कर बाजार के पूरे भाव को बिगाड़ देंगे। ऐसे में शहर के 20 हजार से अधिक खाद्यान्न, फल, सब्जी विक्रेताओं को नुकसान होगा।
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किराना व्यापारी मंडी पर निर्भर
सदर मंडी के किराना व्यापारी दीपक अग्रवाल का कहना है कि किराना व्यापारी पूर्ण रूप से मंडी पर ही निर्भर हैं। कोई भी रिटेलर या होलसेल भी संपूर्ण माल का स्टॉक नहीं कर सकता है। मंडी शुल्क और स्टॉक लिमिट को खत्म करने से बाजार के समीकरण बदल जाएंगे।
एफडीए को लाभ पहुंचाने की नीति
न्यू गंज बाजार दाल मंडी व्यापार संघ अध्यक्ष महेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि फोरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट को सीधा लाभ पहुंचाने की रणनीति के तहत सरकार द्वारा निर्णय लिए गए हैं। इससे फल, सब्जी, गल्ला मंडी के स्थान पर लोग शॉपिंग कॉम्पलेक्स से माल खरीदेंगे। प्रतिस्पर्धा में सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए।
शॉपिंग मॉल में सस्ते होंगे खाद्यान्न
सदर दाल मंडी एसोसिएशन के महामंत्री सचिन जैन का कहना है कि शहर के शॉपिंग मॉल, रिटेल बाजार में खाद्यान्न, सब्जी और फल सस्ते होंगे। 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क न लगने से मंडी व्यापारी के साथ उनसे जुड़े छोटे व्यापारी प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गए हैं।
कालाबाजारी को मिलेगा बढ़ावा
गंज बाजार दाल मंडी व्यापार संघ के महामंत्री समीर खुराना का कहना है कि छोटा व्यापारी प्रतिस्पर्धा में मॉल के बराबर या कम भाव में माल देने के प्रयास में टैक्स चोरी के लिए मजबूर हो जाएगा। ऐसा करने पर जहां एक तरफ व्यापारी को सरकारी तंत्र का डर होगा तो दूसरी तरफ बाजार के समीकरण भी बदल जाएंगे।
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मेरठ। कोरोना महामारी के बीच सरकार द्वारा लिए गए मंडी शुल्क संबंधी निर्णय का व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। नवीन मंडी व्यापारियों के साथ शहर के सभी व्यापार संघ और गल्ला मंडी व्यापारी अब मंडी शुल्क को पूर्ण रूप से खत्म करने की मांग कर रहे हैं। मंडी के बाहर शुल्क खत्म करने से व्यापारियों को फायदा कम नुकसान ज्यादा हो रहा है। इसका सीधा फायदा मल्टी नेशनल कंपनियों को मिल रहा है। सोमवार को व्यापारी जिलाधिकारी की मार्फत शासन को मांगपत्र भेजकर इस संबंध में अवगत कराएंगे। साथ ही मंडी के अंदर और बाहर समानता के अधिकार की मांग करेंगे।
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता नटराज ने कहा कि व्यापारियों को समानता का अधिकार मिलना चाहिए। मंडी व्यापारियों के साथ पक्षपात पूर्ण कार्य किया गया है। सभी व्यापारियों के साथ बैठक कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सरकार के निर्णय के बाद छोटे व्यापारियों का अस्तित्व बचाना मुश्किल हो गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष पंडित आशु शर्मा ने कहा कि सरकार सिर्फ मॉल कल्चर और मल्टीनेशनल स्टोर संचालकों को लाभ पहुंचाने में लगी है। कोरोना महामारी में खुदरा व्यापारियों को लाभ देने के स्थान पर धोखा दिया है। इस संबंध में सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को मांगपत्र भेजा जाएगा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय महामंत्री लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि निर्णय आने के बाद व्यापारियों में जागरूकता लाने का कार्य आरंभ कर दिया गया था। अब जल्द ही इस पर प्रदेश के सभी व्यापारिक संगठन एकजुट होकर कार्य करेंगे। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष एवं व्यापारी नवीन गुप्ता ने कहा कि संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सोमवार को आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
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उद्योग घरानों के लिए बनाई जाती हैं नीति
पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष पंडित आशु शर्मा ने कहा कि सरकार की नीति बड़े उद्योग घरानों तक ही सीमित रहती हैं। अब फेसबुक और रिलायंस टाईअप कर देश के प्रत्येक शहर और कस्बे में किराना स्टोर खोलने की तैयारी में हैं। सरकार की नई नीतियों का लाभ लेकर ये उद्योगपति जहां 2.5 फीसदी मंडी शुल्क से बच जाएंगे, वहीं, असीमित स्टॉक कर बाजार के पूरे भाव को बिगाड़ देंगे। ऐसे में शहर के 20 हजार से अधिक खाद्यान्न, फल, सब्जी विक्रेताओं को नुकसान होगा।
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किराना व्यापारी मंडी पर निर्भर
सदर मंडी के किराना व्यापारी दीपक अग्रवाल का कहना है कि किराना व्यापारी पूर्ण रूप से मंडी पर ही निर्भर हैं। कोई भी रिटेलर या होलसेल भी संपूर्ण माल का स्टॉक नहीं कर सकता है। मंडी शुल्क और स्टॉक लिमिट को खत्म करने से बाजार के समीकरण बदल जाएंगे।
एफडीए को लाभ पहुंचाने की नीति
न्यू गंज बाजार दाल मंडी व्यापार संघ अध्यक्ष महेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि फोरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट को सीधा लाभ पहुंचाने की रणनीति के तहत सरकार द्वारा निर्णय लिए गए हैं। इससे फल, सब्जी, गल्ला मंडी के स्थान पर लोग शॉपिंग कॉम्पलेक्स से माल खरीदेंगे। प्रतिस्पर्धा में सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए।
शॉपिंग मॉल में सस्ते होंगे खाद्यान्न
सदर दाल मंडी एसोसिएशन के महामंत्री सचिन जैन का कहना है कि शहर के शॉपिंग मॉल, रिटेल बाजार में खाद्यान्न, सब्जी और फल सस्ते होंगे। 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क न लगने से मंडी व्यापारी के साथ उनसे जुड़े छोटे व्यापारी प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गए हैं।
कालाबाजारी को मिलेगा बढ़ावा
गंज बाजार दाल मंडी व्यापार संघ के महामंत्री समीर खुराना का कहना है कि छोटा व्यापारी प्रतिस्पर्धा में मॉल के बराबर या कम भाव में माल देने के प्रयास में टैक्स चोरी के लिए मजबूर हो जाएगा। ऐसा करने पर जहां एक तरफ व्यापारी को सरकारी तंत्र का डर होगा तो दूसरी तरफ बाजार के समीकरण भी बदल जाएंगे।