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Meerut News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सहमे व्यापारी ऊर्जा राज्य मंत्री से मिले

Wed, 04 Feb 2026 02:31 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:31 AM IST
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Traders, appalled by the Supreme Court order, met the Minister of State for Energy.
अमर उजाला....सेंट्रल मार्केट में कुछ दुकानदारों ने दुकान के आगे का सेड स्वयं निकाल दिया
मेरठ। शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण को गिराने के सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद व्यापारियों में बेचैनी और दहशत का माहौल है। न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के लिए तय की गई 6 सप्ताह की समय सीमा में से एक हफ्ता बीत चुका है जिसके बाद मंगलवार को व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर से मुलाकात कर इस संकट से राहत दिलाने की मांग की।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के डर से सोमवार रात से ही बाजार में हलचल तेज रही। कई दुकानदारों ने कार्रवाई के डर से अपनी दुकानों के बाहर लगे टिन शेड और लोहे के स्ट्रक्चर खुद ही हटाने शुरू कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर आवास एवं विकास परिषद के अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे के दिशा-निर्देशों के लिए लखनऊ मुख्यालय रवाना हो गए हैं। इस प्रकरण में अब अगली सुनवाई 13 मार्च को होनी है।
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क्या है पूरा मामला?
बीती 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सेंट्रल मार्केट मामले में सुनवाई करते हुए 6 हफ्ते के भीतर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। सोमवार को जैसे ही कोर्ट का आदेश आधिकारिक तौर पर अपलोड हुआ, व्यापारियों में खलबली मच गई।
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व्यापारी नेता जितेंद्र अग्रवाल अट्टू के नेतृत्व में व्यापारियों ने डॉ. सोमेंद्र तोमर को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मंत्री ने व्यापारियों की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और नियमानुसार हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि न्यायालय ने समय सीमा तय कर दी है और 13 मार्च को स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई होगी। इसके अलावा सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल की याचिका भी इसी मामले में लंबित है जिसकी तिथि अभी तय नहीं हुई है।



रडार पर शास्त्री नगर के 1468 अवैध निर्माण

सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब पूरी शास्त्री नगर योजना के अवैध निर्माणों पर खतरा मंडरा रहा है। आवास विकास परिषद के सर्वे के अनुसार शास्त्री नगर में कुल 1468 अवैध निर्माण चिह्नित हैं। इनमें घरों के भीतर चल रहे शोरूम, रेस्टोरेंट, अस्पताल, होटल, बैंक और सैलून शामिल हैं। 17 दिसंबर 2024 को आए पिछले आदेश और अब हालिया सख्ती के बाद स्थानीय कारोबारियों को डर है कि 661/6 के बाद अब अन्य अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी बुलडोजर चल सकता है।



जागृति विहार और माधवपुरम में भी सर्वे रिपोर्ट तैयार

अवैध निर्माण का जाल केवल शास्त्री नगर तक ही सीमित नहीं है। माधवपुरम की 5963 आवासीय संपत्तियों में से 327 में व्यावसायिक गतिविधियां पाई गई हैं। जागृति विहार में साढ़े पांच हजार भवनों में से 495 नियम विरुद्ध तरीके से व्यावसायिक रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं। शास्त्री नगर (ए-एल ब्लॉक) में 6106 संपत्तियों में से 613 में शोरूम, डेयरी और बेकरी जैसे आउटलेट्स खुल चुके हैं। शास्त्री नगर (सेक्टर 1-13)में 6379 आवासीय संपत्तियों में से 860 में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हैं।प्रशासनिक और न्यायिक सख्ती के बीच अब 13 मार्च की तारीख व्यापारियों के भविष्य के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाली है।
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