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टमाटर हुए लाल, आसमान छू रहे सब्जियों के दाम
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मेरठ। सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। हालांकि व्यापारी सब्जी के रेट बढ़ने के पीछे कई वजह मान रहे हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह बरसात से सब्जियों का खराब होना और भाड़ा बढ़ना है। वहीं, फुटकर विक्रेता भी मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
बारिश की वजह से लौकी, तोरई, टिंडा को नुकसान हुआ है। ऐसे में ये सब्जियां उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब एवं हरियाणा से आ रही हैं। वहीं, टमाटर की कीमतें आसमान पर हैं। टमाटर पंजाब एवं हिमाचल से मंगाए जा रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि डीजल के दामों में बढ़ोतरी से किराये में इजाफा हुआ है। इसका असर सब्जी की कीमतों पर भी पड़ा है। राहत की बात इतनी है कि आलू और प्याज के दाम अभी स्थिर हैं।
लॉकडाउन के चलते सब्जी मंडी बंद होने का असर भी सब्जी के दामों पर दिखाई दिया। बाजार से कई सब्जियां गायब रहीं। शहर के इलाकों में फुटकर सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि दो दिन से मंडियां बंद होने से हरी सब्जियां खत्म हो गई हैं। आसपास के किसान कुछ सब्जियां लाए हैं। तराई वाले क्षेत्र में बेल वाली सब्जियों की खेती तारों के स्ट्रचर के सहारे की जाती है। इन पर बारिश का असर कम होता है। ये फसल देर तक पैदावार देती हैं। ये मंडी तक आ रही हैं लेकिन डीजल के दाम बढ़ने से किराया बढ़ गया और सब्जियों के दाम में भी इजाफा हुआ है।
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पिछले 10 दिनों में सब्जियों के बढ़े दाम
(सभी दाम फुटकर में प्रति किलो है।)
सब्जी पहले अब दाम (रुपये में)
टमाटर 60 80
बैंगन 30 40
लौकी 25 30
अरबी 50 60
भिंडी 25 30
तोरई 20 30
गोभी 100 120
प्याज 20-25 20-25
आलू 28-30 28-30
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बारिश की वजह से लौकी, तोरई, टिंडा को नुकसान हुआ है। ऐसे में ये सब्जियां उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब एवं हरियाणा से आ रही हैं। वहीं, टमाटर की कीमतें आसमान पर हैं। टमाटर पंजाब एवं हिमाचल से मंगाए जा रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि डीजल के दामों में बढ़ोतरी से किराये में इजाफा हुआ है। इसका असर सब्जी की कीमतों पर भी पड़ा है। राहत की बात इतनी है कि आलू और प्याज के दाम अभी स्थिर हैं।
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लॉकडाउन के चलते सब्जी मंडी बंद होने का असर भी सब्जी के दामों पर दिखाई दिया। बाजार से कई सब्जियां गायब रहीं। शहर के इलाकों में फुटकर सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि दो दिन से मंडियां बंद होने से हरी सब्जियां खत्म हो गई हैं। आसपास के किसान कुछ सब्जियां लाए हैं। तराई वाले क्षेत्र में बेल वाली सब्जियों की खेती तारों के स्ट्रचर के सहारे की जाती है। इन पर बारिश का असर कम होता है। ये फसल देर तक पैदावार देती हैं। ये मंडी तक आ रही हैं लेकिन डीजल के दाम बढ़ने से किराया बढ़ गया और सब्जियों के दाम में भी इजाफा हुआ है।
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पिछले 10 दिनों में सब्जियों के बढ़े दाम
(सभी दाम फुटकर में प्रति किलो है।)
सब्जी पहले अब दाम (रुपये में)
टमाटर 60 80
बैंगन 30 40
लौकी 25 30
अरबी 50 60
भिंडी 25 30
तोरई 20 30
गोभी 100 120
प्याज 20-25 20-25
आलू 28-30 28-30