{"_id":"6349bfcf1092070808291eb2","slug":"toll-free-number-issued-for-sugarcane-farmers-city-news-mrt609626176","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना किसानों के लिए टोल फ्री नंबर जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना किसानों के लिए टोल फ्री नंबर जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गन्ना किसानों के लिए टोल फ्री नंबर जारी
मेरठ। पेराई सत्र इस माह से शुरू हो रहा है। इसी को लेकर गन्ना किसानों के लिए गन्ना एवं चीनी विभाग की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। इस नंबर 18001213203 पर किसान अपनी समस्या को लेकर शिकायत कर सकेंगे। गन्ना आयुक्त कार्यालय लखनऊ में इसे लेकर कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिसमें प्रदेशभर के कृषक अपनी शिकायत कर सकेंगे।
पेराई सत्र 2022-23 को लेकर आपूर्ति नीति जारी
मेरठ। गन्ना एवं चीनी विभाग की ओर से 2022-23 पेराई सत्र को लेकर गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी गई है। इस नीति में भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा हस्तांतरण, ड्रिप विधि से सिंचाई करने वालके किसानों को सट्टे में प्राथमिकता, सैनिकों, अर्द्घसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों व स्वतंत्रता सेनानियों व उनके उत्तराधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है। आपूर्ति नीति में प्रति कृषक एक हेक्टेयर के लिए अधिकतम 850 कुंतल, लघु कृषक दो हेक्टेयर के लिए 1700 कुुंतल, सामन्य कृषक 5 हेक्टेयर के लिए 4250 कुंतल व उपज बढ़ोत्तरी की दशा में सट्टे की अधिकतम सीमा सीमांत के लिए 1350 कुंतल, लघु के लिए 2700 व सामान्य के लिए 6,750 कुंतल निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
मेरठ। पेराई सत्र इस माह से शुरू हो रहा है। इसी को लेकर गन्ना किसानों के लिए गन्ना एवं चीनी विभाग की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। इस नंबर 18001213203 पर किसान अपनी समस्या को लेकर शिकायत कर सकेंगे। गन्ना आयुक्त कार्यालय लखनऊ में इसे लेकर कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिसमें प्रदेशभर के कृषक अपनी शिकायत कर सकेंगे।
पेराई सत्र 2022-23 को लेकर आपूर्ति नीति जारी
मेरठ। गन्ना एवं चीनी विभाग की ओर से 2022-23 पेराई सत्र को लेकर गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी गई है। इस नीति में भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा हस्तांतरण, ड्रिप विधि से सिंचाई करने वालके किसानों को सट्टे में प्राथमिकता, सैनिकों, अर्द्घसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों व स्वतंत्रता सेनानियों व उनके उत्तराधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है। आपूर्ति नीति में प्रति कृषक एक हेक्टेयर के लिए अधिकतम 850 कुंतल, लघु कृषक दो हेक्टेयर के लिए 1700 कुुंतल, सामन्य कृषक 5 हेक्टेयर के लिए 4250 कुंतल व उपज बढ़ोत्तरी की दशा में सट्टे की अधिकतम सीमा सीमांत के लिए 1350 कुंतल, लघु के लिए 2700 व सामान्य के लिए 6,750 कुंतल निर्धारित की गई है।
विज्ञापन