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पाकिस्तानी विस्थापितों के लिए बनाये थे शौचालय, खुलासे के बाद जांच शुरू

Sat, 09 Sep 2017 01:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sat, 09 Sep 2017 01:57 PM IST
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Toilets were made for Pakistani migrants, investigation begins after disclosure
शौचालय

मेरठ में सरकारी जमीन पर बने शौचालय तोड़कर आवास बनाने के मामले में प्रशासन ने जहां रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। वहीं इस मामले में जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार ये शौचालय भारत पाकिस्तान बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आये विस्थापितों के लिए बनाये गये थे। जिन पर 80 के दशक में लोगों ने कब्जा करना शुरू कर दिया। 

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अमर उजाला माय सिटी में शुक्रवार को सार्वजनिक शौचालयों को तोड़कर आवास बनाने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था। समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने इस जमीन और शौचालय निर्माण कब और किसने कराया इसका रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। तहसील सूत्रों का कहना है कि सजरे के आधार पर जमीन का खसरा नंबर निकाल कर इसका रिकार्ड देखा जायेगा। फिलहाल जो जानकारी प्रशासन ने जुटायी है, उसके अनुसार ये शौचालय पाकिस्तानी विस्थापितों के लिए बनाये गये थे। क्षेत्रीय लोगों से जुटायी गई जानकारी के आधार पर प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि 1947 में भारत पाकिस्तान बंटवारे के बाद पंजाबी समाज के बहुत सारे लोग मेरठ विस्थापित होकर आये थे। इन लोगों को उस समय आज जहां पर भगत सिंह मार्केट है, वहां पर ठहराया गया था। इन परिवारों के लिए तब कालका प्रसाद की बगिया जो कि सरकारी जमीन है, उस पर शौचालय बनाये गये थे। जिसमें चालीस शौचालय पुरुषों के लिए और महिलाओं के लिए अलग से कांप्लैक्स बनाया गया था।
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इन लोगों ने यहां पर अपना कारोबार शुरू कर दिया

Toilets were made for Pakistani migrants, investigation begins after disclosure
शौचालय

पाकिस्तान से विस्थापित होकर आये इन लोगों ने यहां पर अपना कारोबार शुरू कर दिया और धीरे-धीरे अपने निजी आवासों के साथ ही शहर से बाहर भी जाकर रहने लगे। इसके चलते इन शौचालयों का उपयोग लगभग बंद हो गया। करीब 1980 में नगर निगम में कार्यरत एक स्थानीय सुपरवाइजर ने यहां अपने परिचितों का कब्जा कराना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे इन लोगों ने इस जमीन पर अपना डेरा जमा लिया और शौचालय नष्ट कर दिये। फिर आवास निर्माण कर लिये। 
 
रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय
इस मामले में अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल का कहना है कि जांच शुरू हो गयी है। रिपोर्ट आते ही इस मामले में कार्रवाई तय कर दी जायेगी।

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