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मेरठ: ईद के मद्देनजर सुरक्षा चाक-चौबंद, अधिकारियों की दो टूक-बिना अनुमति सड़कों पर नहीं होगी नमाज

Sun, 01 May 2022 01:50 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 01 May 2022 01:50 PM IST
सार

मेरठ में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने रविवार को  उलमा और मुस्लिम समाज के लोगों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि अफवाहों व भ्रांतियों पर ध्यान न दें और बिना अनुमति धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन न करें।

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Tieght Security amid Eid in Western UP, Namaz will not be held on roads without permission says official
ईद के मद्देनजर बैठक लेते पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ में ईद के त्योहार पर शाही ईदगाह और अन्य धार्मिक स्थलों के बाहर बिना अनुमति सड़कों पर नमाज अदा नहीं होगी। रविवार को दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह में पुलिस व जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने उलमा और मुस्लिम समाज के लोगों के साथ बैठक की। जिसमें जिलाधिकारी दीपक मीणा ने ईद की बधाई देते हुए त्योहार पर सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील की।

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उन्होंने कहा बिना तथ्यों के सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने के लिए पोस्ट डाल दी जाती हैं। हम सभी को मिलकर इससे बचना है। उन्होंने ईद का त्योहार भाईचारे के साथ मनाने के लिए कहा। हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पालन करने में सहयोग मांगा। उन्होंने कहा विशेष परिस्थिति में कार्यक्रम के लिए अनुमति लेनी होगी। हालांकि बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने कहा अगले 2-3 घंटे में और कई निर्णय लेंगे।
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सोशल मीडिया की भ्रांतियों से बचें :एसएसपी
वहीं एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा सोशल मीडिया की भ्रांतियों से बचना होगा। उन्होंने सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर कहा किसी भी विशेष परिस्थिति में अनुमति लेकर कार्यक्रम आयोजन होगा। हालांकि एडीएम सिटी दिवाकर सिंह ने कहा ईदगाह में नमाजियों की संख्या अधिक होती है और लोग सड़कों पर नमाज अदा करते हैं तो उनको हटाया नहीं जाएगा। लेकिन इसमें एहतियात बरतने की जरूरत है।

 

उलमा ने रखा अपना पक्ष
शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने कहा मुस्लिम धर्म में दो बार बकरीद व ईद उल फितर का त्योहार होता है। जिसमें कुछ देर के लिए ही लोग ईदगाह पर एकत्रित होकर नमाज अदा करते हैं। लेकिन दूसरे धर्मों के आयोजन सालभर चलते हैं, लेकिन हम उनका हमेशा स्वागत करते हैं। क्योंकि ये धार्मिक मामलों में किसी का विरोध नहीं करना चाहिए। ऐसे में प्रशासन को ईदगाह में नमाज अदा करने में सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा ईद की नमाज तो ईदगाह परिसर में ही होगी, सड़कों पर नहीं होगी। लेकिन संख्या ज्यादा होती है तो वो लोग बाहर नमाज पढ़ लेते है। 
 

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कावंड़ यात्रा में काम हो जाते हैं बंद
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा शाही ईदगाह पर मात्र कुछ समय के लिए लोग सड़कों पर नमाज अदा कर अपने घरों को चले जाते हैं। लेकिन कांवड़ यात्रा तो कई दिन चलती है और पूरे शहर के काम भी बन्द हो जाते हैं। लेकिन हमने कभी उसका विरोध नहीं किया और न ही करेंगे। क्योंकि ये हिन्दू भाइयों के आस्था की यात्रा है। ऐसे में साल में दो दिन हम लोगों के त्योहार से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

जैननगर के हिंदू भाई कराते है वुजू
उप्र पूर्व सिंचाई मंत्री रहे डॉ मेराजुद्दीन अहमद ने कहा सोशल मीडिया ने माहौल खराब किया है। यहां तो ईदगाह से सटे जैन नगर के हिंदू भाई मुस्लिमों को वुजू कराते हैं और नमाज के लिए चादर तक देते हैं। उन्होंने जैननगर के लोगों से यह प्रथा जारी रखने की अपील की।
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