फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   three patient died due to shortage of oxygen

ऑक्सीजन की कमी से तीन मरीजों की तड़प-तड़पकर मौत

Sat, 08 May 2021 01:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 01:58 AM IST
विज्ञापन
three patient died due to shortage of oxygen
ऑक्सीजन की कमी से तीन मरीजों की तड़प-तड़पकर मौत
विज्ञापन

मेरठ। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को तीन मरीजों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने के कारण उनकी मौत हुई। मेडिकल प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन पर्याप्त थी, जो उपचार दिया जा सकता था, वो दिया गया था।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार दोपहर का जो नजारा मरीजों ने मोबाइल में कैद करके भेजा वो बेहद भयावह था। एक महिला माया देवी बेड पर आखिरी सांसें ले रही थी। उनके परिवार की युवती रोते हुए बता रही थी कि ऑक्सीजन बंद होने की वजह से हालत बिगड़ गई है। सांसें थम रही हैं। देखते-देखते ही माया देवी का शरीर शांत हो गया। उनके पुलिसकर्मी बेटे ने सीना दबाकर मां की सांसें वापस लाने की कोशिश की, लेकिन वह दुनिया छोड़कर जा चुकी थी। परिजनों में कोहराम मच गया। सराय निवासी कर्मसिंह ने भी तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप था कि ऑक्सीजन पैनल सिस्टम में खराबी के कारण उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिली और मौत हो गई।
विज्ञापन

रामनिवास कई दिन से कोरोना संक्रमित थे। कई दिन तक परिजनों ने घर में इलाज कराया। जब ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया तो परिजन सुबह मेडिकल इमरजेंसी में लेकर आए, लेकिन समय से ऑक्सीजन न मिलने से ये भी दुनिया छोड़ गए। पत्नी शालिनी ने बताया कि हमारे घर का मुखिया चला गया। हम क्या करेंगे। हम अस्पताल इस उम्मीद के साथ लेकर आए थे कि बच जाएंगे, लेकिन यहां से शव लेकर जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई थी। रात में मेडिकल में 200 सिलिंडर और सुबह 125 सिलिंडर थे। अगर ऑक्सीजन की दिक्कत होती तो दूसरे मरीजों को भी दिक्कत होती। डॉक्टर जो उपचार दे सकते थे, वो दिया गया।
----
दो दिन से नहीं मिला ऑक्सीजन सिलिंडर, बेटे की मौत
कंकरखेड़ा के मंगलपुरी में दो दिन से युवक को परिजन ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए भटकते रहे, लेकिन कहीं भी सिलिंडर नहीं मिला। अस्पतालों में बेड नहीं था। मजदूर परिवार सिलिंडर के लिए भटकता रहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आखिर युवक ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को परिजन बेटे का अंतिम संस्कार करके मेरठ छोड़कर गुजरात चले गए।
---
वीडियो कालिंग कर अफसरों ने जानी मरीज की हकीकत
परतापुर। आक्सीजन गैस सिलिंडर की कालाबाजारी की सूचना पर शुक्रवार को एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ ब्रह्मपुरी और नगरायुक्त माहेश्वरी आक्सीजन गैस प्लांट पर पहुंचे। यहां सिलिंडर लेने आए लोगों से चिकित्सक का पर्चा मांगा। फिर चिकित्सक से मरीज के बारे में पूछा और मरीज की वीडियो कालिंग कराई। पूरी स्थिति देखने के बाद सिलिंडर देने की अनुमति दी गई। उद्योगपुरम स्थित अग्रवाल गैस गोदाम पर एक युवक को फर्जी रूप से सिलिंडर लेते पकड़ा गया। वह सिलिंडर छोड़कर मौके से भाग गया।
-----
महामारी में मारामारी : सिलिंडर, ऑक्सीजन तो कहीं कैप की परेशानी
वेंटिलेटर, मेडिकल उपकरणों से लेकर बेड के लिए भटक रहे मरीज
मेरठ। महामारी में इलाज से लेकर दवाओं, मेडिकल उपकरणों की मारामारी है। मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा। अस्पताल में बेड नहीं, ऑक्सीजन नहीं। जिन्हें ऑक्सीजन मिल जाती है उनके पास सिलिंडर के ऊपर लगाने वाले ऑक्सीजन कैप नहीं है। जिससे मरीज को ऑक्सीजन दी जा सके। बाजार में मेडिकल उपकरणों से लेकर दवाओं का टोटा है। अस्पतालों में इलाज, बेड और गैस की किल्लत है। मरीज लाचार हैं तीमारदार परेशान किससे मदद मांगे, जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर दिए हैं वो उठते नहीं या बंद रहते हैं।
सिलिंडर है पर कैप नहीं
शंभूनगर निवासी संजीव के पिता होम आइसोलेशन में हैं। संजीव कहते हैं अस्पताल में बेड नहीं मिला तो थककर पिता को होम आइसोलेशन में रखा। एक दिन पूरा खाली सिलिंडर फिर उसे भरवाने में गुजर गया। अब सिलिंडर है, मगर कैप नहीं मिल रहा। जिस कारण मरीज को ऑक्सीजन नहीं दे पा रहे हैं।
दो दिन से नहीं मिली गैस
गणेशपुरी की श्रद्धा अपनी मां को होम आइसोलेशन में रखकर इलाज करा रही है। वह कहती हैं कि घर में मेरे अलावा कोई दूसरा नहीं, जो भागदौड़ कर सके। मां को ऑक्सीजन चाहिए। भाड़े पर लेबर करके उसे दो दिन से ऑक्सीजन प्लांट पर भेज रही हूं, लेकिन गैस नहीं मिल रही। सामाजिक संस्थाओं, अफसरों सबसे गुहार कर ली, लेकिन गैस नहीं मिली।

न अस्पताल न घर पर मिल रहा इलाज
मोहकमपुर निवासी शोभा के पति पांच दिन से कोरोना संक्रमित है। पति का ऑक्सीजन स्तर लगातार गिर रहा है। शोभा कहती हैं जब पति को कोरोना संक्रमण हुआ तो अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की, मगर बेड नहीं मिला। मजबूरन होम आइसोलेशन में रखा। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने कहा फोन पर सलाह देते रहेंगे, आज दो दिन हो गए डॉक्टर फोन नहीं उठा रहे। सरकारी चिकित्सकों के नंबर मिलाए वो भी नहीं उठ रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed