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हजारों सत्यापन सिर्फ दो लेखपाल के हवाले
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मेरठ। जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं के सत्यापन में लेखपाल की अहम भूमिका होती है। शासन की तरफ से जारी आंकड़ों में प्रदेश में दस हजार लेखपालों के पद खाली हैं। वहीं, मेरठ में भी तीन तहसीलों में लगभग 40 लेखपालों की जरूरत है। इसके बाद भी मेरठ मंडल से रिक्त पदों का आंकड़ा शासन को नहीं भेजा गया। जिससे साफ है कि अधिकारी यहां लेखपाल के खाली पदों को भरने के प्रति गंभीर नहीं हैं। मेरठ शहर की बात करें तो सिर्फ दो लेखपाल महीने में हजारों आवेदन पत्रों का सत्यापन करते हैं।
मेरठ शहर में संजीव शर्मा और नरेंद्र वर्मा दोनों लेखपाल के पास आवेदन पत्र सत्यापन के लिए आते हैं। सभी आवेदन पत्रों का मौके पर जाकर सत्यापन करना उनके लिए मुश्किल है। ऐसे में लेखपाल न होने की स्थिति में फोन पर जानकारी जुटाकर आवेदन पत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। जिसमें कई बार लाभार्थियों पर सवाल भी खड़े होते हैं। इसके बाद भी जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अकेले सदर तहसील में ही 18-20 लेखपालों की जरूरत है। इसके बाद शहर समेत बाहरी इलाके को कवर किया जा सकता है।
पेंशन समेत आय, जाति का सत्यापन
सरकार की तरफ से वृद्धा, विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना, कन्या सुमंगला योजना समेत आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाता है। एक महीने में औसतन ये संख्या दस हजार को पार कर जाती है। इनके सत्यापन की प्रक्रिया सिर्फ दो के हवाले छोड़ दी गई है।
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मेरठ शहर में संजीव शर्मा और नरेंद्र वर्मा दोनों लेखपाल के पास आवेदन पत्र सत्यापन के लिए आते हैं। सभी आवेदन पत्रों का मौके पर जाकर सत्यापन करना उनके लिए मुश्किल है। ऐसे में लेखपाल न होने की स्थिति में फोन पर जानकारी जुटाकर आवेदन पत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। जिसमें कई बार लाभार्थियों पर सवाल भी खड़े होते हैं। इसके बाद भी जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अकेले सदर तहसील में ही 18-20 लेखपालों की जरूरत है। इसके बाद शहर समेत बाहरी इलाके को कवर किया जा सकता है।
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पेंशन समेत आय, जाति का सत्यापन
सरकार की तरफ से वृद्धा, विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना, कन्या सुमंगला योजना समेत आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाता है। एक महीने में औसतन ये संख्या दस हजार को पार कर जाती है। इनके सत्यापन की प्रक्रिया सिर्फ दो के हवाले छोड़ दी गई है।
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