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Meerut News: युद्ध नहीं जिसके जीवन में, वे भी बड़े अभागे होंगे....
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हस्तिनापुर में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करती कवियत्री। (स्त्रोत आयोजक) मवाना।
साहित्यिक सामाजिक पत्रिका मौन मुखर की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज हस्तिनापुर में हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन
मवाना। साहित्यिक सामाजिक पत्रिका मौन मुखर द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में डाॅ. अर्जुन सिसौदिया ने पढ़ा युद्ध नहीं जिसके जीवन में, वे भी बड़े अभागे होंगे। या प्रण को तोड़ा होगा, या फिर युद्ध से भागे होंगे।
राजकीय इंटर कॉलेज हस्तिनापुर में शनिवार रात आयोजित हुए कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवयित्री डाॅ. अनु सपन ने मां सरस्वती वंदना से किया। प्रतापगढ़ से पधारे हास्य कवि पार्थ नवीन ने पढ़ा इस रात खयालात सुन होगी बरसात, उसी जज्बात में नहाता चला जाउंगा। कलियों से डालियां, कविता से तालियां, जीजा से सालियां मिलाता चला जाऊंगा।
कार्यक्रम आयोजक गीतकार संजीव भ्रमर ने पढ़ा वंदना भारती की भजन है मुझे, ये तिरंगा ही धरती गगन है मुझे, राम जिस तरह आस्था है मेरी, राम जैसा ही प्यारा वतन है मुझे। जयपुर से पधारे अशोक चारण ने पढ़ा जिसमें क्रंदन छपा हुआ है, लूटे हुए परिवारों का, जिसमें चित्र छपा हुआ है, मां के बहते अश्रुधारों का। डाॅ. अनु सपन, विकास बौखल, यशपाल फक्कड, बलबीर सिंह खिचडी, जावेद आसी ने भी कविताएं पढीं।
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मुख्य अतिथि राज्यमंत्री दिनेश खटीक रहे। विशिष्ट अतिथि ब्लाॅक प्रमुख नितिन पोसवाल, डाॅ. योगेश प्रधान, डाॅ. अजयवीर सिंह, प्राचार्या डाॅ. शक्ति साहनी, डाॅ. धर्मपाल सिंह, डाॅ. सुधीर त्यागी आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया व अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की। पत्रिका की ओर से साहित्यिक सम्मान वरिष्ठ गीतकार विष्णु पारस और समाजसेवी रोहित बंसल को प्रदान किया।
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मवाना। साहित्यिक सामाजिक पत्रिका मौन मुखर द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन में डाॅ. अर्जुन सिसौदिया ने पढ़ा युद्ध नहीं जिसके जीवन में, वे भी बड़े अभागे होंगे। या प्रण को तोड़ा होगा, या फिर युद्ध से भागे होंगे।
राजकीय इंटर कॉलेज हस्तिनापुर में शनिवार रात आयोजित हुए कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवयित्री डाॅ. अनु सपन ने मां सरस्वती वंदना से किया। प्रतापगढ़ से पधारे हास्य कवि पार्थ नवीन ने पढ़ा इस रात खयालात सुन होगी बरसात, उसी जज्बात में नहाता चला जाउंगा। कलियों से डालियां, कविता से तालियां, जीजा से सालियां मिलाता चला जाऊंगा।
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कार्यक्रम आयोजक गीतकार संजीव भ्रमर ने पढ़ा वंदना भारती की भजन है मुझे, ये तिरंगा ही धरती गगन है मुझे, राम जिस तरह आस्था है मेरी, राम जैसा ही प्यारा वतन है मुझे। जयपुर से पधारे अशोक चारण ने पढ़ा जिसमें क्रंदन छपा हुआ है, लूटे हुए परिवारों का, जिसमें चित्र छपा हुआ है, मां के बहते अश्रुधारों का। डाॅ. अनु सपन, विकास बौखल, यशपाल फक्कड, बलबीर सिंह खिचडी, जावेद आसी ने भी कविताएं पढीं।
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मुख्य अतिथि राज्यमंत्री दिनेश खटीक रहे। विशिष्ट अतिथि ब्लाॅक प्रमुख नितिन पोसवाल, डाॅ. योगेश प्रधान, डाॅ. अजयवीर सिंह, प्राचार्या डाॅ. शक्ति साहनी, डाॅ. धर्मपाल सिंह, डाॅ. सुधीर त्यागी आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया व अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की। पत्रिका की ओर से साहित्यिक सम्मान वरिष्ठ गीतकार विष्णु पारस और समाजसेवी रोहित बंसल को प्रदान किया।

हस्तिनापुर में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करती कवियत्री। (स्त्रोत आयोजक) मवाना।