संतोष कुमार की मौत का मामला : मृतक को जिंदा बताने वालों को अब दिया कार्रवाई का नोटिस
पांच स्थायी कर्मचारियों की एक साल की वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक और तीन अस्थाई कर्मचारियों के कुछ दिन का वेतन काटा गया है-
विस्तार
21 अप्रैल को एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में गाजियाबाद के 64 वर्षीय संतोष कुमार को परिजनों ने भर्ती कराया था। भर्ती होने के बाद 27 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार लावारिस में ही करा दिया गया था। परिजनों के फोन पर पूछने पर कर्मचारी तीन मई तक उनकी हालत ठीक बताते रहे थे।
सात मई को संतोष कुमार के दामाद और बेटी शिखा मेरठ आए तो पता कोविड वार्ड में उनके नहीं होने पर हड़कंप मचा। इस मामले में डॉक्टर, नर्स समेत आठ कर्मचारियों को मेडिकल प्रशासन लापरवाही दोषी मान चुका है।
ऐसे में पांच स्थायी कर्मचारियों की एक साल की वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक और तीन अस्थाई कर्मचारियों के कुछ दिन का वेतन काटा गया है। इस मामले में संतोष कुमार की बेटी शिखा का कहना है कि हम लोग अपने पिता का अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाए, इससे बड़ा दुख क्या होगा। ऐसी लापरवाही पर ये बहुत कम सजा है।
अभी तक मृतक का मोबाइल बरामद नहीं कर पाई पुलिस
मंगलपांडेय नगर स्थित अशोक पार्क निवासी शिखा वर्मा के पति रोहित वर्मा को चार मई को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। रोहित वर्मा के पास एंड्रॉयड मोबाइल फोन था। छह मई की सुबह उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद उनका मोबाइल चोरी कर लिया गया था।
परिवार वालों ने बताया कि मोबाइल बैंक, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि की जानकारी है। ऐसे में मोबाइल के बिना बैंकिंग का कार्य नहीं हो पाएगा। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है लेकिन पीड़ित परिवार को अब तक मोबाइल बरामद कराकर नहीं दिया जा सका।