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Meerut News: हस्तिनापुर में सुविधाओं के अभाव में पर्यटकों का टोटा
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हस्तिनापुर। पांडवों की वैभवशाली राजधानी हस्तिनापुर में आज भी मनोरम प्राकृतिक दृश्य हैं, लेकिन यहां आज भी पर्यटकों के लिए कई मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। करोड़ों रुपए खर्च करने बाद भी यहां पर पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल रहा है।
सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां प्राचीन पांडव टीले को पुरातत्व विभाग के मध्य से विकसित कराया। सरकार ने यहां नेशनल म्यूजियम बनाने की घोषणा की। दो करोड रुपए के बजट से द्रौपदी घाट का जीर्णोद्वार कराया जा रहा है। पर्यटन नगरी में श्रद्धालुओं के आवागमन की परेशानियों को देखते हुए मेरठ से इलैक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया जो लगातार सड़कों पर दौड़ती हैं। बावजूद इसके यहां पर श्रद्धालुओं के लिए कई मूलभूत सुविधाएं देखने को नहीं मिल रही है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल रहा है।
इनका आज भी है अभाव
हस्तिनापुर क्षेत्र में यातायात के उचित साधन नहीं है। वहीं प्राचीन द्रौपदी घाट, द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर, आदि पर आज तक विद्युत लाइट की सुविधा नहीं है। कर्ण मंदिर, प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर, प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर पर भी सपा सरकार द्वारा पर्यटन स्थलों के लिए शुरू की गई 24 घंटे वाली विद्युत आपूर्ति नहीं पहुंची है।
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रुकने की नहीं उचित व्यवस्था*
यहां सैलानियों के रुकने की उचित व्यवस्था सरकार द्वारा आज तक नहीं कराई गई है। दूर-दराज के सैलानी महज दिनभर के लिए आते हैं। इसलिए भी पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल रहा है। इसके अलावा ऐतिहासिक नगरी को मेरठ महानगर से जोड़ने के लिए कुछ इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया गया था। इन बसों पर किसी भी प्राचीन स्थल का नाम नहीं है।
पर्यटन नगरी को विकसित करने के लिए कई बिंदुओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जल्द ही मुलाकात करेंगी और हस्तिनापुर में कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए अनुमति ली जाएगी। पर्यटक सैलानियों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
-सुधा खटीक, चेयरपर्सन, नगर पंचायत, हस्तिनापुर
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सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां प्राचीन पांडव टीले को पुरातत्व विभाग के मध्य से विकसित कराया। सरकार ने यहां नेशनल म्यूजियम बनाने की घोषणा की। दो करोड रुपए के बजट से द्रौपदी घाट का जीर्णोद्वार कराया जा रहा है। पर्यटन नगरी में श्रद्धालुओं के आवागमन की परेशानियों को देखते हुए मेरठ से इलैक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया जो लगातार सड़कों पर दौड़ती हैं। बावजूद इसके यहां पर श्रद्धालुओं के लिए कई मूलभूत सुविधाएं देखने को नहीं मिल रही है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल रहा है।
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इनका आज भी है अभाव
हस्तिनापुर क्षेत्र में यातायात के उचित साधन नहीं है। वहीं प्राचीन द्रौपदी घाट, द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर, आदि पर आज तक विद्युत लाइट की सुविधा नहीं है। कर्ण मंदिर, प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर, प्राचीन पांडेश्वर महादेव मंदिर पर भी सपा सरकार द्वारा पर्यटन स्थलों के लिए शुरू की गई 24 घंटे वाली विद्युत आपूर्ति नहीं पहुंची है।
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रुकने की नहीं उचित व्यवस्था*
यहां सैलानियों के रुकने की उचित व्यवस्था सरकार द्वारा आज तक नहीं कराई गई है। दूर-दराज के सैलानी महज दिनभर के लिए आते हैं। इसलिए भी पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल रहा है। इसके अलावा ऐतिहासिक नगरी को मेरठ महानगर से जोड़ने के लिए कुछ इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया गया था। इन बसों पर किसी भी प्राचीन स्थल का नाम नहीं है।
पर्यटन नगरी को विकसित करने के लिए कई बिंदुओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जल्द ही मुलाकात करेंगी और हस्तिनापुर में कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए अनुमति ली जाएगी। पर्यटक सैलानियों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
-सुधा खटीक, चेयरपर्सन, नगर पंचायत, हस्तिनापुर