{"_id":"69ea1b636ae1fe9c9a0c6103","slug":"the-workshop-taught-the-nuances-of-chess-to-children-meerut-news-c-72-1-mct1009-152230-2026-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: कार्यशाला में बच्चों को सिखाई शतरंज की बारीकियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: कार्यशाला में बच्चों को सिखाई शतरंज की बारीकियां
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। वेस्ट एंड रोड स्थित गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में बृहस्पतिवार को अनप्रिडिक्टेबल नाइट चेस एकेडमी की ओर से शतरंज के खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा एक से 12 तक के 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। बच्चों ने शतरंज की बारीकियों के बारे में जाना।
कोच अंशुल बाटला ने विद्यार्थियों को खेल के गुर सिखाए और इससे होने वाले मानसिक लाभों के बारे में बताया। सवालों के सही जवाब देने पर बच्चों को पुरस्कार भी दिए गए। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. गोपाल दीक्षित ने बताया कि छात्र इस खेल से मानसिक रूप से सशक्त बनेंगे। इससे अनुशासन और धैर्य भी सीखेंगे। विद्यालय में शतरंज जैसी बौद्धिक खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मौके पर एकेडमी की हेड आरत्रिका सिंह ने कहा कि शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि बुद्धि, धैर्य और रणनीति का अद्भुत संगम है। यह विद्यार्थियों में एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता और समस्या-समाधान की सोच को विकसित करता है। उन्होंने बताया कि एकेडमी का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर शतरंज के प्रति रूचि जगाना है, ताकि नई प्रतिभाओं को निखारा जा सके। इस मौके पर प्रभा राव, सुशील कुमार, अंकुर पंवार, नीरू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मेरठ। वेस्ट एंड रोड स्थित गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल में बृहस्पतिवार को अनप्रिडिक्टेबल नाइट चेस एकेडमी की ओर से शतरंज के खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा एक से 12 तक के 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। बच्चों ने शतरंज की बारीकियों के बारे में जाना।
कोच अंशुल बाटला ने विद्यार्थियों को खेल के गुर सिखाए और इससे होने वाले मानसिक लाभों के बारे में बताया। सवालों के सही जवाब देने पर बच्चों को पुरस्कार भी दिए गए। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. गोपाल दीक्षित ने बताया कि छात्र इस खेल से मानसिक रूप से सशक्त बनेंगे। इससे अनुशासन और धैर्य भी सीखेंगे। विद्यालय में शतरंज जैसी बौद्धिक खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मौके पर एकेडमी की हेड आरत्रिका सिंह ने कहा कि शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि बुद्धि, धैर्य और रणनीति का अद्भुत संगम है। यह विद्यार्थियों में एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता और समस्या-समाधान की सोच को विकसित करता है। उन्होंने बताया कि एकेडमी का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर शतरंज के प्रति रूचि जगाना है, ताकि नई प्रतिभाओं को निखारा जा सके। इस मौके पर प्रभा राव, सुशील कुमार, अंकुर पंवार, नीरू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन