तलाक के बाद महिला ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, हिंदू महासभा से भी मांगा समर्थन
खरखौदा के नरहाड़ा निवासी महिला ने ससुराल पक्ष के उत्पीड़न और तीन तलाक के मामले में बृहस्पतिवार को हिंदू महासभा से समर्थन मांगा है। परिजनों के साथ हिंदू महासभा कार्यालय पर पहुंची महिला आपबीती बताते समय बिलख पड़ी। आरोप है कि कोर्ट के आदेश पर ससुरालियों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। हिंदू महासभा के नेताओं ने पीड़िता को हर संभव मदद का आश्वास दिया।
खरखौदा थाना क्षेत्र के नरहाड़ा निवासी निजामुद्दीन की दो बेटी अमरीन और फरहीन की शादी खरखौदा क्षेत्र के लड़पुरा गांव में दो सगे भाइयों के साथ अप्रैल 2012 में हुई थी। फरहीन का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसका पति साकिर दहेज की मांग करता है। विरोध करने पर बंधक बनाकर उसे बेरहमी से पीटा जाता है।
तलाक कहकर घर से निकाल दिया
आरोप है कि सितंबर 2016 में साकिर ने अपनी पत्नी फरहीन को तीन बार तलाक कहकर घर से निकाल दिया। फरहीन अपने मायके पहुंची और परिजनों को जानकारी दी। पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर फरहीन ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद ससुरालियों के खिलाफ खरखौदा थाने में गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई।
देर शाम फरहीन अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन त्यागी से मिलने पहुंची। नवीन त्यागी ने उसे हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को लेकर हिंदू महासभा लड़ाई लड़ेगी। कुछ दिन पहले भी दोनों पक्षों में पंचायत हुई थी। इस मामले को लेकर शुक्रवार को एसएसपी से मिला जाएगा।